वाटर पार्क निर्माण को लेकर अधिग्रहित भूमि पर सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर की जुताई

वाटर पार्क निर्माण को लेकर अधिग्रहित भूमि पर सांसद सुधाकर सिंह ने  ट्रैक्टर चलाकर की जुताई
Facebook WhatsApp

-किसानों ने प्रशासन के विरोध में नारे लगाए नारे 

-किसानो ने अधिग्रहित भूमि पर 70 साल से खेती करने का किया दावेदारी

पूर्वी चंपारण। जिले के पीपराकोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क निर्माण स्थल पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में जुटे किसानों और ग्रामीणों के साथ बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

मौके पर विशाल किसान सभा के बाद सांसद स्वयं ट्रैक्टर लेकर प्रशासन द्वारा अधिग्रहित भूमि पर पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से जुताई कर किसानों की जमीन वापस करने की मांग उठाई। जाहिर है वे महेंद्र सिंह टिकैत की तर्ज अपने को पेश कर किसानों का नेता बनने की कोशिश किए।

प्रदर्शन के दौरान सांसद के समर्थन में मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए ठेकेदार एवं मजदूरों को वहां से हटने के लिए कहा। इस दौरान ट्रैक्टर, जेसीबी सहित निर्माण कार्य में लगे वाहनों और अन्य सामान को हटाया गया।  जबकि कुछ सामानो को क्षतिग्रस्त करने की भी सूचना है। जमीन जुताई के कारण कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

प्रदर्शन के दौरान किसानों और ग्रामीणों ने “भारत माता की जय”, “किसान जिंदाबाद”, “किसानों पर अत्याचार बंद करो”  “भूमाफिया से किसानों की भूमि मुक्त करो” जैसे नारे लगाए गये। किसानों का आरोप है कि जिस भूमि पर वाटर पार्क का निर्माण कराया जा रहा है, वह उनकी पुश्तैनी जमीन है और पिछले 60 से 70 वर्षों से उनके कब्जे में रही है। उनका कहना है कि उनके पास संबंधित दस्तावेज भी मौजूद हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने जमाबंदी रद्द कर भूमि का अधिग्रहण कर लिया, जिसका वे लगातार विरोध कर रहे हैं।

सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार से उनकी जमीन वापस करने की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को किसानों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा,साथ ही कोर्ट में भी इस अवैध अधिग्रहण को चुनौती दिया जायेगा। उन्होने कहा कि चंद उधोगपतियो के इशारे पर सरकार किसानो की जमीन जमीन जबरन छीन कर खेती किसानी को चौपट कर रही है। प्रदर्शन में किसान प्रतिनिधि नसीमा खातून, शाश्वत गौतम सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद थे।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page