भरत तिवारी एनकांउटर का बदला लेने का वीडियो वायरल करने वाला सिपाही मोतिहारी पुलिस लाइन का

भरत तिवारी एनकांउटर का बदला लेने का वीडियो वायरल करने वाला सिपाही मोतिहारी पुलिस लाइन का
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-खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए घटना का बदला लेने का बनाया था वीडियो

-हरपुर और पीपराकोठी थाना में रहते किया था कांड , डीएसपी लाइन को मिला जांच का जिम्मा

मोतिहारी। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई चर्चित घटना, जिसमें भरत भूषण तिवारी की मौत हुई थी, उसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिस वीडियो में खुद को पुलिस का सिपाही बताने वाला आशीष तिवारी अपने भाई की मौत का बदला लेने और नौकरी छोड़ने की बात करता दिखाई दे रहा है।

मामले में पटना पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में किए गए दावों की गहन पड़ताल की गई। जिसमें बताया गया है  कि आरक्षी संख्या-647 आशीष तिवारी वर्तमान में मोतिहारी पुलिस लाइन में तैनात है। उसके खिलाफ पहले से ही दो अलग-अलग विभागीय कार्रवाई लंबित हैं और दोनों मामलों की जांच जारी है। पहला मामला वर्ष 2023 का है, जब आशीष तिवारी हरपुर ओपी में कार्यरत थे।

विभागीय कार्यवाही संख्या 21/2023 के अनुसार, 7 जनवरी 2023 की रात ड्यूटी के दौरान उसने कथित रूप से सहकर्मी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि उसने गार्ड रूम में हथियार तलाशने की कोशिश की और हथियार नहीं मिलने पर चाकू लेकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के पीछे दौड़ पड़ा।

इस मामले में उसे एक साल की वेतनवृद्धि रोकने की सजा और कड़ी चेतावनी दी गई थी। वही दूसरा मामला विभागीय कार्यवाही संख्या 58/2024 से जुड़ा है, जब उसकी तैनाती पिपरा कोठी थाने में थी। आरोप है कि 17 अगस्त 2024 को पैंथर सिपाही के रूप में ड्यूटी के दौरान उसने सहकर्मियों और गार्ड के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा 9 एमएम पिस्तौल से फायरिंग कर दी। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे अधिकारियों को भी धमकाने और उन पर फायर करने का आरोप है। दबाव बढ़ने पर उसने खुद को गोली मारने की धमकी भी दी थी।

इस मामले में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 173/2024 दर्ज है। उसके अलावें इस घटना में दो साल तक वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई थी। फिलहाल दोनों मामलों की विभागीय जांच जारी है, जबकि वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस तथ्यों की पड़ताल में जुटी है। घटना को लेकर स्पष्टीकरण पूछा गया है  और इसके जांच की जिम्मेवारी पुलिस लाइन के डीएसपी को दी गई है। संभव है कि इस प्रकरण में जांच के बाद पुलिस स्थिति को और स्पष्ट  करेगी।

anand prakash

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