केन्द्र एवं बिहार की सरकार जेपी सेनानीयों को दे उचित सम्मानः राय सुंदर देव शर्मा
-इन्दिरा गांधी ने आज के दिन ही देश में लगाई थी आपातकाल
मोतिहारी। 26 जून 1975 को सिर्फ अपनी गद्दी बचाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगा कर जयप्रकाश नारायण जी के साथ सभी विपक्षी नेताओ एवं छात्र नेताओ जेल में डाल दिया था।प्रेस पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाकर पंगू कर दिया बिना सरकारी अनुमती के एक अक्षर न तो लिख सकते थे, नहीं प्रसारित कर सकते थे। संविधान में प्राप्त सभी नागरिक अधिकारों को समाप्त कर पूरे देश कौ कारागार में तब्दील कर दिया था। ये बातें जेपी सेनानी संगठन के जिलाध्यक्ष राय सुंदर देव शर्मा ने कही।
वे इन्दिरा गांधी के कथित उक्त कलंक पूर्ण कार्य की याद में राय हरिशंकर शर्मा सभागार में जेपी सेनानी संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने वाले सेनानियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने इन्दिरा गांधी के इस अलोकतांत्रिक कारवाई पर प्रकाश डाला।

वहीं भारत सरकार से मांग किया कि जेपी सेनानीयो को स्वतंत्रा सेनानी घोषित कर उन्हें सुविधा दी जाये।बिहार सरकार से भी अन्य राज्यो में दी जाने वाली सुविधाएं बहाल करने की मांग की गई। आन्दोलन मे भूमिगत रह कर संघर्ष करने वाले और विभिन्न दफा में जेल गये सभी की पहचान कर उन्हें भी सम्मान योजना से जोडा जाये।
इस अवसर पर अरूण कुमार सिन्हा, शिवचंद्र दूबे,चन्देश्वर प्रसाद सिंह, वृजमोहन खण्डेलवाल, सुभाष तिवारी, नन्दकिशोर तिवारी, योगेन्द्र सिंह, राजेश्वर शर्मा, विजय प्रताप वर्मा, भरथरी प्रसाद, दिनेश प्रसाद सिंह, राजकुमार पांडेय, शम्भू शरण शिवास्तव ,नागेन्द्र चौधरी, तारकेश्वर प्रसाद, संगीता चौधरी आदि बहुत सारे जेपी सेनानी मौजूद थे।

