तुरकौलिया में 25 लाख बरामदगी मामले में पुलिस पर सवाल, डीजीपी ने दिए जांच के आदेश
-डीजीपी के आदेश से एसपी स्वयं जांच में जुटे
-25 मई की रात मे तुरकौलिया पुलिस ने कार से बरामद किया था 24.91 लाख रूपये
-कार से नेपाली युवक सहित चार लोग थे पकडे गए
मोतिहारी। तुरकौलिया थाना क्षेत्र में 25 लाख रुपये की बरामदगी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद डीजीपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने के प्रयास किए गए, लेकिन इसकी भनक डीजीपी विनय कुमार को लग गई।
जानकारी के अनुसार, 25 मई की रात तुरकौलिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर निमुईया चौक के पास एक कार से 24.91 लाख रुपये बरामद किया। कार की डिक्की में बने एक तहखाने से यह रकम मिली थी, इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को भी हिरासत में लिया था, जिनमें नेपाल के बारा जिला के रामनगर निवासी प्रज्ज्वल साहनी और दीपेश कुमार यादव, आदापुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी कृष्णा साहनी तथा नकरदेई थाना क्षेत्र के कटकेनवा निवासी सुभाष कुमार शामिल थे।
हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई के तीन दिन बाद 28 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। थानाध्यक्ष सम्पत कुमार के स्वलिखित बयान पर दर्ज प्राथमिकी में छापेमारी और बरामदगी का उल्लेख किया गया है। वहीं, पकड़े गए चारों आरोपियों को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
पुलिस ने इस मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी जांच के लिए भेजी है। इधर, एसपी स्वर्ण प्रभात ने गुरुवार को बताया कि वह स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं, साथ ही अपराध इकाई की टीम भी जांच में जुटी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। अलबत्ता इतना तो तय है कि एसपी श्री प्रभात मामले में शामिल कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं रहेंगे।

