बकाया नीलाम पत्र देनदारों के विरुद्ध करें कठोर कार्रवाई : जिलाधिकारी
-बड़े 10 देनदारों के नाम का खुलासा, सैकड़ो करोड़ बकाया
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय मोतिहारी स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में नीलम पत्र वादों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा सहित सहित सभी जिला स्तरीय नीलम पत्र पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी पदाधिकारी जिला नीलाम पत्र शाखा विकास कुमार ने बताया कि जिला में कुल 66 नीलाम पत्र पदाधिकारी हैं, जिसमें 23 जिला स्तरीय, 12 अनुमंडल स्तरीय एवं 31 पदाधिकारी प्रखंड स्तरीय हैं। जिला स्तर पर लंबित वादों की संख्या 27998, अनुमंडल स्तर लंबित वादों की संख्या 18636 तथा प्रखंड स्तर पर लंबित वादों की संख्या 14018 है। जिलाभर में नीलम पत्रवाद के कुल लंबित वादों की संख्या 63116 है।
जिसमें 50 लाख से अधिक की राशि के बकायदाओं की संख्या 44 है, 10 लाख से 50 लाख तक के बकायादारों की संख्या 199 तथा 10 लाख तक की राशि के बकायादारों की संख्या 62873 है। पूर्वी चंपारण में नीलाम पत्र वाद से संबंधित मामलों में 795 करोड़ की राशि सन्निहित है।

जिला के सबसे बड़े 10 बकायेदार चिन्हित किए गए है, जिसमें मे. मधु कान प्रोजेक्ट लिमिटेड पर 8.07 करोड़, वसुंधरा पर 5.30करोड़, मुखराम सिंह पर 5.03 करोड़, मे.रामकी राइस मिल पर 4.85 करोड़, मे.के. एम. सुगर मिल पर 4.51 करोड, परफैक्टर इंटरनेशनल एक्सपोर्ट पर 4.46करोड़, पी फुला राव पर 1.91 करोड़, नागेश्वर राव पर 1.91 करोड़, मे.महाशक्ति राइस मिल पर एक करोड़ और मे शिव शक्ति राइस मिल पर 1.03 करोड़ रुपए का रुपए की देनदारी है।
उक्त से संबंधित 5543 वादों में नीलम पत्र पदाधिकारियो के द्वारा नीलम देनदारो के विरुद्ध प्राथमिक की दर्ज कराते हुए गिरफ्तारी वारंट निर्गत किया गया है, जबकि 641 बकायदारों के विरुद्ध कुर्की जब्ती वारंट भी निर्गत किया गया है।आज की बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि नीलम पत्रवाद से संबंधित जो भी बकायेदार हैं उन पर किसी भी तरह की सहानुभूति नहीं बरती जाए और निर्गत पत्र के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

