सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, हर माह 10 तारीख तक पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, हर माह 10 तारीख तक पेंशन भुगतान सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री
Facebook WhatsApp

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख तक राशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी गरीब, वृद्ध, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों के जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए इस व्यवस्था को पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ संचालित किया जाना चाहिए।

सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में आयोजित समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, सेवा वितरण व्यवस्था और लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच का विस्तृत आकलन किया। बैठक में समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य के आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला हैं। इसलिए इनके संचालन, उपस्थिति और सेवा वितरण की तकनीकी माध्यमों से नियमित एवं गहन निगरानी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका और सहायिकाओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा लक्षित बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र जितने बेहतर ढंग से संचालित होंगे, बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास उतना ही बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की सहभागिता से आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे, संसाधनों और सुविधाओं में सुधार लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान राज्य में बच्चों के बीच स्टंटिंग (अल्पविकसित वृद्धि) और वेस्टिंग (कुपोषण के कारण वजन में कमी) की स्थिति में सुधार लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी सूचकांकों में सुधार के लिए विभाग को और अधिक सक्रियता से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘परवरिश योजना’ सहित समाज कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं के दायरे का विस्तार किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं की पुनः समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार लाभ राशि बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

समाज कल्याण विभाग के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने पर योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में तेजी आएगी तथा लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी को महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के कमजोर, गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा, “जन कल्याण के कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ किए जाने चाहिए। जब योजनाओं का लाभ सही लोगों तक समय पर पहुंचता है, तब लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page