रक्सौल में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज में अमन चैन के लिए हजारों हाथ उठे
रक्सौल। देश में अमन-चैन की दुआ के साथ गुरूवार को रक्सौल में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज पढ़ी गई। रक्सौल के मुख्य पथ स्थित बड़ी मस्जिद के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाके में स्थित मस्जिदों और ईदगाह में बकरीद की नमाज पढ़ी गई।
इसके बाद, परंपरा के अनुसार कुर्बानी का त्योहार मनाया गया।बकरीद को लेकर विशेष नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बड़ी मस्जिद के इमाम ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद त्याग, इंसानियत, प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है।
उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील की। नमाज के बाद ईदगाह और मस्जिद के पास मेले जैसा नजारा देखने को मिला, खासकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया।नमाज और शुभकामना का दौर समाप्त होने के बाद लोगों ने एक दूसरे के यहां जाकर दावत का आनंद लिया।इधर, नमाज के दौरान किसी प्रकार की विधि व्यवस्था की समस्या न हो, इसको लेकर प्रशासन काफी सक्रिय रहा।
रक्सौल बड़ी मस्जिद के साथ-साथ अन्य नमाज स्थलों का अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।इसके अलावे, सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी। प्रशासन की सक्रियता के बीच बकरीद का पर्व रक्सौल में शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया।

