जिलाधिकारी ने किया जिला शिक्षा कार्यालय का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन पर रोक का आदेश
मोतिहारी। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव सोमवार को उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार एवं सहायक समाहर्ता राजकृष्ण झा के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बायोमैट्रिक अटेंडेंस का अवलोकन के साथ ही एक-एक कर्मियों का परिचय प्राप्त किया।
जो कर्मी अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए, उनसे स्पष्टीकरण करते हुए उनके वेतन कटौती का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सेवांत लाभ सहित एरियर भुगतान के जो मामले हैं। उसका निष्पादन हर हाल में एक माह के अंदर करना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा निर्देश दिया गया कि शिकायत से संबंधित जो भी मामले हैं, उनका निष्पादन अगले 15 दिनों में सुनिश्चित करें। जरूरत पड़े तो इसके लिए कैंप भी लगवाएं।
डीएम ने कहा कि शिक्षकों एवं छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले एवं इसका निष्पादन करें। जन शिकायत से संबंधित प्राप्त आवेदनों का अच्छे से ढंग से रख रखाव करें, उसका लॉग बुक मेंटेन निश्चित रूप से सुनिश्चित करें, शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत कब प्राप्त हुई, उस पर कब क्या कार्रवाई हुई, एक-एक स्टेप की जानकारी रखी जाए और नियमित रूप से उसकी समीक्षा होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लंबित रहने की स्थिति में उस स्तर के कर्मी/ पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करें।
उन्होने निर्देश दिया कि सेवान्त लाभ के मामलों के निष्पादन एवं प्राप्त शिकायतों के निष्पादन से संबंधित कृत कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन जिला गोपनीय प्रशाखा को उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया की विभाग में पदस्थापित सभी पदाधिकारी एवं कर्मी नियमित रूप से बायोमैट्रिक अटेंडेंस बनाएं एवं इसकी रेगुलर बेसिस पर समीक्षा की जाए। जो भी कर्मी समय से कार्यालय नहीं आते हैं, उनके विरुद्ध हर हाल में नियमानुसार कार्रवाई करें।

