आंधी-तूफान में भरभराकर गिरी पांच इंची दीवार, मलबे में दबीं मां-बेटी, मां आईसीयू में भर्ती

आंधी-तूफान में भरभराकर गिरी पांच इंची दीवार, मलबे में दबीं मां-बेटी, मां आईसीयू में भर्ती
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-करकट का छप्पर टूटने से हुआ हादसा, इंटर की छात्रा और मां गंभीर रूप से घायल
-मोतिहारी के निजी अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही मां-बेटी के सिर में आई चोट

मोतिहारी। मंगलवार की रात आई तेज-आंधी पानी एवं ओले ने भारी तबाही मचाई है। पताही प्रखंड क्षेत्र के पताही पूर्वी पंचायत स्थित वार्ड नंबर तीन में बीती रात आए विनाशकारी आंधी-तूफान ने जमकर कहर बरपाया। रात करीब आठ बजे एक मकान की छत पर बनी पांच इंची दीवार अचानक टूटकर सीधे नीचे करकट (एस्बेस्टस) के छप्पर पर जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में छप्पर के नीचे रात का भोजन बना रही मां और उसकी इंटर में पढ़ने वाली बेटी मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। गंभीर रूप से जख्मी मां को इलाज के लिए मोतिहारी रेफर किया गया है, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू (ICU) में रखा गया है। वहीं, बेटी के सिर में भी गहरी चोट आई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पताही पूर्वी के वार्ड तीन निवासी व स्थानीय व्यवसायी उपेन्दर साह की पत्नी रिंकू देवी और उनकी पुत्री लवली कुमारी (इंटर की छात्रा) रात करीब आठ बजे घर के अहाते में करकट के नीचे खाना बना रही थीं। इसी बीच मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज आंधी चलने लगी। हवा के भारी दबाव को छत के ऊपर बनी पांच इंची की कमजोर दीवार झेल नहीं सकी और भरभरा कर सीधे नीचे करकट पर गिर गई। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई। लाल ईंटों का भारी मलबा गिरने से करकट की छत पूरी तरह टूट गई और दोनों मां-बेटी उसी के नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए भारी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला।
हादसे में मां रिंकू देवी के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति की नाजुकता को देखते हुए उन्हें तुरंत मोतिहारी के एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, उनकी हालत बेहद गंभीर है और फिलहाल वे अस्पताल के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) में भर्ती हैं, जहां उनका सघन इलाज चल रहा है। वहीं, मलबे की चपेट में आने से बेटी लवली कुमारी भी घायल हुई है। उसके सिर पर गंभीर चोट आई है और प्राथमिक उपचार के बाद सिर पर पट्टी बांधी गई है। घटनास्थल पर बिखरी ईंटें और टूटे हुए एस्बेस्टस के टुकड़े हादसे की भयावहता को साफ बयां कर रहे हैं।
इस प्राकृतिक आपदा से व्यवसायी उपेन्दर साह का परिवार गहरे सदमे में है। घर के छप्पर और भीतर रखे सामान का भी भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने अंचलाधिकारी व जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्राकृतिक आपदा राहत कोष के तहत पीड़ित परिवार को अविलंब उचित मुआवजा मुहैया कराया जाए, ताकि आईसीयू में इलाजरत घायल महिला का समुचित इलाज हो सके और टूटे हुए आशियाने की मरम्मत की जा सके।

anand prakash

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