विश्व जनसंख्या दिवस पर ‘जनसंख्या जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन
बढ़ती जनसंख्या को अवसर में परिवर्तित कर जिम्मेदार नागरिक बनने का ले संकल्पः डॉ. हेना चंद्र
मोतिहारी। मुंशी सिंह महाविद्यालय, मोतिहारी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई एवं सेहत केंद्र इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार, दिनांक 11 जुलाई 2026 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर “जनसंख्या जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम “सर्व ब्रिक्स 2026: वॉलंटियरिंग फॉर अ बेटर टुमॉरो” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।कार्यक्रम में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं चंद्रा हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. हेना चंद्रा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने बढ़ती जनसंख्या से जुड़े सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक जैसे विभिन्न आयामों पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को केवल एक चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक संभावना और अवसर के रूप में भी देखा जाना चाहिए। डॉ. चंद्रा ने कहा कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी युवा है और यही युवा आने वाले समय में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए भारत को विश्वगुरु बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षित बेटियां अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक होती हैं, जिससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि छोटे एवं नियोजित परिवार उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं, जिससे एक खुशहाल समाज एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बढ़ती जनसंख्या जैसी चुनौती को अवसर में परिवर्तित करते हुए जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. एन. हक़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा जनसंख्या स्थिरीकरण एवं जागरूकता के लिए युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. गौरव भारती, सेहत केंद्र इकाई की नोडल पदाधिकारी डॉ. विदुषी दीक्षित, अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष डॉ. रूपेश कुमार, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. दद्दन राम, हिंदी विभाग के डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय, डॉ. अवनीश मिश्र, डॉ. शशिकांत यादव, गणित विभाग की डॉ. पूजा श्रीवास्तव, उर्दू विभाग की डॉ. कौसर नाज़, इतिहास विभाग की डॉ. रिज़वाना, वाणिज्य विभाग की डॉ. मोमिता बेनर्जी, रसायनशास्त्र विभाग की डॉ. कुमारी स्वीटी, विधि विभाग की डॉ. खानम अफरीन, गणित विभाग के डॉ. मंटू कुमार, डॉ. नितेश एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों की उपस्थिति सराहनीय रही।
कार्यक्रम का संचालन सेहत केंद्र इकाई की नोडल पदाधिकारी डॉ. विदुषी दीक्षित ने किया और धन्यवाद ज्ञापन एन. एस. एस. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. गौरव भारती ने किया।

