शिक्षिका पत्नी का चार साल से रुके वेतन को लेकर डीईओ कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता की हुई मौत
जिले भर के अधिवक्ताओ में आक्रोश
मोतिहारी। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शनिवार को एक अधिवक्ता की मौत हो गई।मृतक की पहचान शहर के चांदमारी मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अरविंद कुमार के रूप में हुई है।
बताया गया कि अरविंद कुमार अपनी शिक्षिका पत्नी रश्मि स्वराज के चार वर्षों से लंबित वेतन और करीब दस वर्षों के एरियर भुगतान को लेकर शनिवार दोपहर करीब दो बजे डीईओ कार्यालय पहुंचे थे।
आरोप है कि इसी दौरान कार्यालय परिसर में कार्यालय कर्मियों से विवाद हुआ। जिसके बाद वे बीमार हो गए। लेकिन ससमय उपचार नही मिलने के कारण उनकी कार्यालय परिसर में ही मौत हो गई।
इधर मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई।पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर उनकी पत्नी बेसुध होकर रोती-बिलखती रही।
मृतक की पुत्री कुमारी अनुष्का ने आरोप लगाया कि उनकी मां का चार वर्षों से वेतन रुका हुआ है। जबकि कई वर्षों का एरियर भी बकाया है।
उन्होंने कहा कि लेबर कोर्ट का आदेश होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप लगाया कि भुगतान के बदले पैसे की मांग की जा रही थी। इसी संबंध में उनके माता-पिता शनिवार को दोपहर दो बजे के करीब डीईओ कार्यालय गए थे।
मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। उनका पुत्र अमित कुमार नौवीं कक्षा का छात्र है, जबकि पुत्री दसवीं कक्षा में पढ़ती है। घटना को लेकर नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल परिजनों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
घटना को लेकर अधिवक्ताओ में आक्रोश व्याप्त है। सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ता जुट गए। अधिवक्ता नरेंद्र देव ने कहा कि यह अत्यंत नृशंस घटना है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की शीघ्र बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मौके पर अधिवक्ता सुधीर कुमार, रजनी भूषण किशोर, मुकेश कुमार, साबिर हुसैन, अजहरुद्दीन सिद्दीकी, राहुल त्रिपाठी, कुमार सौरभ समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

