राजा टोडरमल की जन्म भूमि बनेगी पर्यटन स्थल : डीएम
-जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक स्थलो का किया निरीक्षण, 110 साल पुराने भवनों के संरक्षण की बनेगी योजना
-गोपी छपरा में बन रहे स्टेडियम को देख दिए जरूरी निर्देश
कोटवा। प्रखंड के भोपतपुर स्थित राजा टोडरमल के जन्म स्थल ऐतिहासिक भवन परिसर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने ऐतिहासिक धरोहर को संजोने और इन स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने को लेकर निरीक्षण कर अधिकारियों को विस्तृत सर्वे कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में पुराने भवनों,अवशेषों और ऐतिहासिक संरचनाओं की स्थिति का जायजा लिया।
बताया गया कि परिसर में करीब 110 साल पुराने भवन और ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जो अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि स्थल का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर पर्यटन विभाग को भेजा जाए, ताकि संरक्षण और विकास की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके।
राजा टोडरमल मुगल सम्राट अकबर के दरबार के नवरत्नों में शामिल थे और उन्हें “राजा” की उपाधि प्राप्त थी। वे अपनी प्रशासनिक क्षमता और भूमि व्यवस्था सुधार के लिए इतिहास में विशेष पहचान रखते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस परिसर का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जाए तो यह क्षेत्र पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

बाद में डीएम ने गोपी छपरा पंचायत क्षेत्र में बन रहे अत्याधुनिक निर्माणाधीन आउटडोर एवं इनडोर स्टेडियम परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस महत्वाकांक्षी खेल संरचना परियोजना के लिए 3 करोड़ 29 लाख 6 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।

परियोजना के निर्माण हेतु बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना को कार्यकारी अभिकरण नामित किया गया है, जिसके माध्यम से स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति एवं निर्धारित समय सीमा के अनुरूप कार्य पूर्ण करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि स्टेडियम के तैयार होने से कोटवा प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं एवं खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छी सुविधा मिलेगी।

