नर्मदा नदी को लेकर चार राज्यों के बीच नदी परियोजना से जुड़े लम्बित मुद्दों पर हुआ समझौता

नर्मदा नदी को लेकर चार राज्यों के बीच नदी परियोजना से जुड़े लम्बित मुद्दों पर हुआ समझौता
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है।अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है।गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रखकर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page