प्रभावी नीति निर्माण की रीढ़ बने जनगणना कर्मी को करें सहयोग: जिलाधिकारी
मोतिहारी। जनगणना किसी भी देश के सामाजिक-आर्थिक विकास का दर्पण होता है। यह केवल आबादी की गिनती नहीं, बल्कि नीति निर्माण का वैज्ञानिक आधार है। आगामी जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए जिलाधिकारी -सह- प्रधान जनगणना अधिकारी ने समस्त नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की है।
उन्होंने बताया कि नीति निर्माण में संसाधनों के उचित आवंटन, सामाजिक लोक – कल्याणकारी योजनाओं का लक्ष्यीकरण, रोजगार एवं कौशल विकास, आपदा प्रबंधन इत्यादि में इन आंकड़ों का महत्वपूर्ण भूमिका रहता है।भारत की जनगणना- 2027 प्रथम चरण के अंतर्गत मकान गणना सह मकान सूचीकरण का कार्य प्रगति पर है, सभी चार्ज पदाधिकारियों को इस कार्य के प्रति ईमानदारी से अपने चार्ज अंतर्गत आने वाले सभी मकानों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य ससमय पूरा कराने का निर्दश दिया।
कोई भी मकान किसी भी परिस्थिति में छूटे नहीं, इसके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण के साथ -साथ फील्ड भ्रमण पर जोर दिया। इसे लेकर प्रधान जनगणना पदाधिकारी- सह जिला पदाधिकारी श्री जोरवाल ने बताया कि जनगणना कर्मी जब आपके घर आएं तो सबसे पहले एसईआईडी (स्वगणना पहचान संख्या) उपलब्ध कराते हुए उसे प्रगणकों से सत्यापित कराएं। साथ ही सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायें। यह जानकारी गोपनीय रखी जाती है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत यह अनिवार्य है।
वहीं जिला नोडल पदाधिकारी (जनगणना कोषांग) सह जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कुल 37 चार्ज हैं, जिसमें 27 ग्रामीण, 10 शहरीय चार्ज के अंतर्गत 9591 गणना ब्लॉक्, 9511 प्रगणक एवं 1621 पर्यवेक्षक कार्य कर रहे हैं। जिसमें अबतक कुल स्व-गणना पहचान संख्या (इस ई आई डी ) 91727 प्राप्त हुआ है, जिसपर तेजी से प्रगणकों द्वारा कार्य किया जा रहा है। यह कार्य अपने तय समय सीमा 31 मई 2026 तक पूरा कर लिया जायेगा। इस अवसर पर हेमंत कुमार, रामध्यान सिंह द्वय – राज्य पर्यवेक्षक- जनगणना, प्रबंधन कोषांग से गोपाल जी मिश्र, अमरेश कुमार, कमलेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

