सिकरहना नदी का उफान जारी,सुगौली और बंजरिया प्रखंड के किसानो को भारी नुकसान
-सुगौली में थाना,काॅलेज में घुसा पानी, स्टेशन रोड में बह रहा तीन फीट पानी
-बंजरिया में प्रखंड कार्यालय व निर्माणाधीन थाना भवन पानी में घिरा,दर्जनो स्कूलों में पढ़ाई बंद
-कई हजार हेक्टेयर में लगी फसल हुई बर्बाद -ढाका प्रखंड के कई गांव के लोग पलायन को मजबूर

मोतिहारी। नेपाल सहित उत्तर बिहार में अतिवृष्टि के बाद कई नेपाली नदियो से जुड़ी सिकरहना व लालबकेया नदी में उफान जारी है।लिहाजा जिले के तीन प्रखंड सुगौली,बंजरिया व ढाका में अक्टूबर के महीने में अप्रत्याशित बाढ से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।

सुगौली में थाना समेत कई संस्थानों में पानी प्रवेश कर गया है।शहर की मुख्य सड़क को छोड़ कर अधिकांश सड़कों पर दो से तीन फीट पानी बह रहा है।प्रखंड कृषि पदाधिकारी शिवम कुमार के अनुसार पूरे प्रखंड क्षेत्र में दो हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की फसल प्रभावित हो रही है।बीएओ ने बताया कि यह आंकड़ा पानी के प्रभाव से बढ़ भी सकता है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राम विजय यादव ने बताया कि पानी प्रवेश करने के कारण दर्जनो विद्यालयो में पढ़ाई बन्द है।बाढ़ का पानी थाना परिसर,एसपीएन कॉलेज,स्टेशन रोड, अस्पताल,शिवालय मार्ग सहित थाना से निमुई जाने वाली सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी का तेज बहाव देखा जा रहा है।
कॉलेज रोड से नगर पंचायत रोड तक पानी का बहाव निरंतर बढ़ता जा रहा है।बस स्टैंड चौक से स्टेशन जाने वाली सड़क पर भी भारी जल जमाव की स्थिति बनी हुई है। जिससे आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।वार्ड संख्या एक,2, 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 13, 14,15,18 पूरी तरह जलमग्न हो चूका है।स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी अब कई लोगों के घरों में घुस चुका है। अस्पताल और स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। मरीजों को इलाज के लिए आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पशुपालकों के सामने चारा की भारी किल्लत हो गई है।

प्रशासन की ओर से अब तक राहत और बचाव कार्यों की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।बाढ़ के इस भयावह संकट ने नगर की व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है। लोगों को अब प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर, बंजरिया प्रखंड के सिसवा पश्चिमी पंचायत के तुरहा टोली, अमवा महादलित टोला, सिसवा पूर्वी के तरकुलवा और पंचरुखा मध्य पंचायत के सिसवनिया व मोहम्मदपुर इलाके भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ का पानी निमार्णाधीन थाना भवन में भी घुस चुका है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय जाने के रास्ते में दो से तीन फीट पानी बह रहा है। इससे आने-जाने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
पानी की बढने की रफ्तार को देख अंचल कार्यालय में रखे कागजात व कंप्यूटर को उपरी तल पर शिफ्ट किया गया है।कार्यालय मे कामकाज ठप्प सा हो गया है। प्रखंड कृषि कार्यालय में भी करीब चार फीट पानी है।बाढ से धान,मक्का के साथ ही गन्ना फसल को भारी क्षति हुई है।
किसान रामविनय सिंह व अभिलाष कुमार ने बताया कि अगैती धान की कटनी की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान आयी बाढ ने धान को डुबो दिया। किसानो ने बताया कि तेज हवा के साथ हुई बारिश से बड़े पैमाने पर गन्ना खेतो में गिर गये,जिसे बाढ के पानी ने डुबो दिया।कृषि विभाग ने क्षति का आकलन अब तक नही कर सका है।ऐसी संभावना जतायी जा रही है,हजारो हेक्टेयर मे लगी फसल समाप्त हो गये है।
पचरूखा मध्य पंचायत के मुखिया सलावतुल्लाह उर्फ आदिल राणा व पचरूखा पश्चिम के पूर्व मुखिया कुमार मनोज सिंह ने बताया कि बंजरिया प्रखंड में रबी की पैदावार अच्छी होती है,लेकिन अक्टूबर माह में आयी बाढ रबी की खेती पर संकट खड़ा कर दिया है,इस साल तिलहन व दलहन की खेती नही हो पायेगी।
वही ढाका प्रखंड के कई गांव में लालबकेया नदी ने कहर बरपाया है।किसानो की तैयार धान की फसल को कीचड़ और बालू ने ढंक कर बर्बाद कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग ऊंचे स्थान पर शरण लेने को मजबूर है।त्योहार के समय में लोग भीषण समस्या का सामना कर रहे है। सबसे बड़ी बिडंबना यह है,कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई राहत कार्य शुरू नही किया जा सका है।पूरा प्रशासनिक महकमा चुनाव की तैयारी में जुटा है,लिहाजा लोग बाढ के पानी में सबकुछ गंवाकर संघर्ष करने को विवश है।

