सफाई कर्मियों ने सरकार पर सौतेले व्यवहार का लगाया आरोप
-18 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी
रक्सौल पू.च.। स्थानीय हजारीमल हाई स्कूल के परिसर में रविवार को बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ (ऐक्टू) रक्सौल की ओर से नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों, चालकों एवं मजदूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव ए ऐक्टू सह महासंघ अध्यक्ष कामरेड आर.एन. ठाकुर ने की, जबकि संचालन महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में नगर परिषद के सफाई मजदूर उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) लंबे समय से सफाई मजदूरों की सेवा नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, दैनिक मानदेय में बढ़ोतरी, आउटसोर्स कर्मियों की सेवा आयु 60 वर्ष तक निर्धारित करने, निजी संचिका खोलने, सेवा अभिलेख बनाने, एसीपी का लाभ देने, कार्य के दौरान मृत्यु पर आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी, 10 लाख मुआवजा तथा आश्रितों को आजीवन पेंशन जैसी मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन राज्य सरकार ने इन जायज मांगों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
वक्ताओं ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि रसोईया, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका तथा अन्य संविदा कर्मियों का मानदेय व प्रोत्साहन भत्ता तो बढ़ाया गया है परंतु नगर निकायों के सफाई मजदूरों को इससे वंचित रखा गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य कार्यकारिणी सदस्य श्याम बाबू कुमार ने कहा कि सरकार दलित-महादलितों के उत्थान का प्रचार करती है, लेकिन नगर निकायों में कार्यरत 90 प्रतिशत दलित-महादलित सफाई कर्मियों को सुविधाओं से वंचित रखना उनकी कथनी-करनी के फर्क को उजागर करता है।
महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार दलित विरोधी और सफाई मजदूर विरोधी है, और यदि 17 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो 18 अक्टूबर से राज्यभर के सभी सफाई कर्मी काम बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में प्रेम मलिक, मीना देवी, सीता देवी, रामवती देवी, रीता देवी, संगीता देवी, सविता देवी, शांति देवी, इंदु देवी, चंदन मलिक, मुख्तार आलम, सोनेलाल मालिक, जितेंद्र मलिक समेत दर्जनों महिला व पुरुष सफाई कर्मी मौजूद रहे।

