गांजा तस्करी में एक को पंद्रह वर्षों का कठोर कारावास
मोतिहारी। स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम कोर्ट द्वितीय के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने गांजा तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को पन्द्रह वर्षों का सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।
अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा पश्चिमी चंपारण के बैरिया पखनाहा निवासी प्रदीप प्रसाद पटेल के पुत्र राजू पटेल को हुई। मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पटना ने कोर्ट परिवाद दायर कर चार को नामजद किया था।
जिसमें कहा था कि गुप्त सूचना पर 20अक्टूबर 2019 की रात्रि करीब दस बजे एसएसबी जवानों ने पिपराकोठी केंद्रीय विद्यालय के सामने एन एच -28 पर मुजफ्फरपुर से आ रही एक ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसके केविन में बने तहखाने से 290 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ तथा चालक सहित चार तस्कर पकड़े गए। पकड़ाए गांजा एवं तस्करों को एसएसबी जवानों ने एनसीबी पटना को सौंप दिया।
एनडीपीएस वाद संख्या 71/2019 विचारण के दौरान एनसीबी गृह मंत्रालय भारत सरकार के विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार ने आठ गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा,अन्य तीन अभियुक्त रामाधार प्रसाद, सिपाही गद्दी एवं मनोज कुमार न्यायालय से जमानत मिलने के बाद फरार हो गया। अभियुक्त राजू पटेल का वाद विचारण पृथक चला तथा न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।

