जहरीली शराब कांड: लड्डू की मौत से उसकी पांच मासूम पुत्रियों को देख लोगों का दहल जा रहा है कलेजा
-लड्डू की पुत्री गौरी ने कहा कि पिता के इलाज मे सहयोग मिला होता तों हम सब नहीं होते अनाथ
पूर्वी चंपारण। जिले में रघुनाथपुर के बालगंगा इलाके में जहरीली शराब कांड ने एक और परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। टेम्पो चालक लड्डू की मौत के बाद उसके घर में अब सिर्फ मातम और चिंता का माहौल है।
लड्डू भाड़े पर टेम्पो चलाकर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करता था। उसके निधन के बाद उसकी पत्नी, पांच मासूम बेटियां और वृद्ध माँ के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उसकी बेटी गौरी का दर्द झकझोर देने वाला है। वह अपने पिता के शव से लिपटकर रोते हुए कह रही थी कि उसने हर किसी से अपने बीमार पिता के इलाज के लिए मदद मांगी, लेकिन समय पर कोई सहयोग नहीं मिला। उसका कहना है कि अगर सही इलाज मिल जाता, तो आज उसके पिता उनके बीच होते।
पत्नी ललिता देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि घर की सारी जमा-पूंजी इलाज में खर्च हो गई। अगर पैसे होते, तो वे पटना ले जाकर बेहतर इलाज करातीं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर भी सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया। घर की वृद्ध मां सदमे में है,वह चुपचाप आने-जाने वालों को देख रही है, मानो सब कुछ एक पल में खत्म हो गया हो।
बताया जा रहा है कि लड्डू 2 अप्रैल से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती था और सोमवार उसने दम तोड़ दिया। अब पूरे इलाके में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इन पांच मासूम बच्चियों का भविष्य कैसे संभलेगा। यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है,ऐसी घटनाओं को रोकने और पीड़ित परिवारों को समय पर मदद देने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा?

