फाइलेरिया से बचाव के लिए स्कूलों में खिलाई जा रही है सर्वजन दवा : सिविल सर्जन
– जागरूकता फैलाने में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ रोगी हितधारक मंच के टीम का मिल रहा सहयोग
मोतिहारी। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए प्रतिबद्धता के साथ हर स्तर पर सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान जिले में जन जागरूकता के साथ घर घर सर्वजन दवा सेवन कराने के बाद अब स्कूलों में बूथ लगाकर बच्चों व शिक्षकों कों सर्वजन दवा का सेवन कराया जा रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही
रोगी हितधारक मंच के सदस्य बढ़ चढ़ कर सहयोग कर रहें है।
सीएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया की फाइलेरिया एक गंभीर रोग है जिसका समाज के सभी तबके के सहयोग से उन्मूलन सम्भव है। इसके लिए सभी योग्य व्यक्ति दवा का सेवन करें, जिससे जिला फाइलेरिया मुक्त हो सके। अभियान की सफलता के लिए माइक्रो-प्लान बनाकर घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दो प्रकार की दवा एल्बेंडाजोल एवं डीईसी खिलायी जा रही है
– गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को नहीं खानी है दवा
जिले के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर शरत चंद्र शर्मा ने कहा कि दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को खानी है। उन्होंने कहा की यह रोग मादा क़्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर गंदे एवं रुके हुए पानी में पनपता है। इस मच्छर के काटने से किसी भी उम्र का व्यक्ति ग्रसित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फाइलेरिया दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। लोगों की जिम्मेदारी है कि जब स्वास्थ्य कर्मी घर पहुंचे तो फाइलेरिया से मुक्ति के लिए दवा का सेवन करें। इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

