राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर एमजीसीयू में परिसंवाद का आयोजन
मोतिहारी।महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय की हिन्दी साहित्य सभा द्वारा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्रकवि दिनकर का सांस्कृतिक अवदान’ विषय पर परिसंवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने की। डॉ. श्याम कुमार झा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा ” दो प्रकार के कवि होते हैं – बिम्ब के कवि और वक्तव्य के कवि। प्रसाद, निराला और अज्ञेय आदि बिम्ब के कवि हैं। दिनकर वक्तव्य के सबसे बड़े कवि हैं। वे सांस्कृतिक गौरव और भारत बोध के समर्थ कवि हैं।”
सर्वप्रथम विद्यार्थी मनोज के मंगलाचरण से परिसंवाद का आरम्भ हुआ। हिन्दी साहित्य सभा के अध्यक्ष विकास कुमार ने अपने स्वागत वक्तव्य में दिनकर के जीवन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित अतिथियो का स्वागत किया। तत्पश्चात स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों में अमनदीप, उज्ज्वल, पल्लवी, गुड़िया, श्वेता और आलोक रंजन द्वारा दिनकर की कविताओं का पाठ किया गया। शोधार्थी प्रतीक कुमार ओझा तथा मुकेश कुमार ने दिनकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
अंजलि कुमारी के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन रुपेश कुमार द्वारा किया गया।

