प्राचीन सोना देवी मंदिर परिसर में नवाह परायण महायज्ञ संपन्न
-बरसाने की फूलों वाली होली ने लोगो को भक्ति रस में किया सराबोर
कोटवा। प्रखंड के जसौली पट्टी में स्थित अति प्राचीन एवं ख्याति प्राप्त सोना देवी–सुंदर देवी मंदिर के परिसर में आयोजित नवाह परायण महायज्ञ लगातार 18 वे वर्ष आयोजित हुआ , जो शनिवार को हवन – पूजा और भगवत नाम जयघोष के साथ विधिवत रूप से संपन्न हो गया। नौ दिनों तक चले इस महायज्ञ के समापन के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। समापन के साथ ही रामलीला सह रासलीला के कलाकारों द्वारा आयोजित की गई फूलों वाली बरसाने की होली ने हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को बरसाने में ही होने का एहसास करा डाला। बरसाने की होली का जीवंत प्रस्तुति भक्तों को खूब लुभाया। राधा रानी और गोपियों संग कृष्ण के होली खेलने का चित्रण गजब का समा बंधा था।
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन, रामकथा, भजन-कीर्तन का आयोजन चल रहा था।जिसमें स्थानीय ग्रामीण के अलावे हजारों की संख्या में सुदूर इलाके से स्त्री पुरुष और बच्चे पहुंचते थे। कार्यक्रम में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं भंडारे की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। महायज्ञ के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना है जबकि इससे आपसी भाईचारे का भी लोगो के बीच संदेश गया।
आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण सिंह ने महायज्ञ को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर सुनील सिंह , रविन्द्र सिंह , बुलेट सिंह , धर्मेंद्र सिंह , भूपेंद्र सिंह , पंख सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महायज्ञ मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रभात रंजन मुन्ना की रिपोर्ट

