आर्म्स बरामदगी मामले में एक को दो वर्षों का सश्रम कारावास

आर्म्स बरामदगी मामले में एक को दो वर्षों का सश्रम कारावास
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मोतिहारी। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रसेनजीत सिंह ने आर्म्स बरामदगी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को दो वर्षों का सश्रम कारावास एवं सात हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाए है। अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

सजा मलाही थाना के सिसवा निवासी मुरारी उपाध्याय के पुत्र विकाश उपाध्याय को हुई है। मामले में मलाही थाना के तत्कालिन थानाध्यक्ष ने मलाही थाना कांड संख्या 420/2020 दर्ज कराते हुए कहा था कि गोविंदगंज थाना कांड संख्या 417/2020 के गिरफ्तार अभियुक्त से 25 नवंबर 2020 को पूछताछ के बाद स्वीकृति बयान में कहा गया कि विकाश उपाध्याय के घर में अवैध आर्म्स रखा हुआ है। सूचना के आलोक में रात्रि 11.30 बजे पुलिस बल ने विकाश उपाध्याय के घर छापेमारी की। जहां से दो अर्धनिर्मित पिस्टल व एक पूरा बना पिस्टल बरामद हुआ। वाद संख्या 1161/25 विचारण के दौरान अभियोजन पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश कर अभियोजन पक्ष रखा।

न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 20 (1-बी ) ए एवं 26 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए है।

anand prakash

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