एमजीसीयू में इग्नू-शिक्षार्थी सहायता केंद्र का उद्घाटन
पूर्वी चंपारण। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के गांधी भवन परिसर में ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय’ (इग्नू) शिक्षार्थी सहायता केंद्र का उद्घाटन रविवार को मुख्य अतिथि सांसद राधा मोहन सिंह ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने की।इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में गांधी भवन परिसर के निदेशक सह कुलानुशासक प्रो. प्रसून दत्त सिंह, डॉ. संतन कुमार राम क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू दरभंगा एवं डॉ. आकाश अवस्थी सहायक क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा) एवं इग्नू अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. श्याम नंदन (सहायक आचार्य, हिंदी विभाग) मौजूद रहे।इस मौके पर कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ‘विश्वविद्यालय एवं विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन हेतु कृत संकल्पित ‘इग्नू अध्ययन केंद्र’ (केन्द्र कोड-46040) का आज उद्घाटन हो रहा है। भविष्य में यह केंद्र शैक्षिक विकास के साथ–साथ सभी के सहयोग से अकादमिक उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
मुख्य अतिथि सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय में इग्नू अध्ययन केंद्र खुलने से छात्र-छात्राओं को नई शिक्षा नीति के अनुरूप ड्युअल डिग्री की सुविधा प्राप्त होगी | विभिन्न विषयों में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा के साथ ही अन्य पाठ्यक्रमों की पढाई से यहाँ के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे
विशिष्ट अतिथि डॉ. आकाश अवस्थी ने कहा कि इस इग्नू अध्ययन केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के साथ-साथ स्नातक, परास्नातक, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा संबंधी पाठ्यक्रमों में नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे क्षेत्र के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि यह अध्ययन केंद्र पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज जिले के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगा।वही डॉ. संतन कुमार राम ने अपने संबोधन में कहा कि इग्नू शिक्षार्थी सहायता केंद्र विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत सहारा है, जहाँ उन्हें सिलेबस, नामांकन, परीक्षा और अध्ययन से जुड़ी हर समस्या का समाधान मिलता है।कार्यक्रम में
धन्यवाद ज्ञापन इग्नू केंद्र के समन्वयक डॉ. श्याम नंदन ने किया। जबकि संचालन हिन्दी विभाग के शोधार्थी विकास कुमार ने किया कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के संकायाध्यक्ष शिक्षक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

