बसंत पंचमी से होता है प्रकृति में बदलाव जीवों में आती है जागृति: डॉ. अमित

बसंत पंचमी से होता है प्रकृति में बदलाव जीवों में आती है जागृति: डॉ. अमित
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– प्रकृति नमन दिवस पर हुआ पर्यावरण की पाठशाला
– वनप्रमंडल के सहयोग से नेत्रिका फाउंडेशन व पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से कार्यक्रम आयोजित  
मोतिहारी। बसंत पंचमी से जीवों में आती है नई जागृति, जिसका प्रभाव पेड़ पौधों ने सहज देखा जा सकता है। हम प्रकृति को नमन करने की परम्परा से संरक्षित कर सकते हैं। प्रकृति ने हरा भरा पहाड़, शुद्ध हवा और सुन्दर वातावरण दिया है। जिसे हमने लालच में बिगाड़ दिया न शुद्ध हवा है, न स्वच्छ जल, न सुन्दर वातावरण है। उक्त बातें आरएस पब्लिक स्कूल रघुनाथपुर में प्रकृति नमन दिवस पर पर्यावरण की पाठशाला को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी केविवि के प्रो. डॉ. अमित रंजन ने कही।

कहा कि आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के अनमोल उपहार वापस करना है यह तभी संभव है जब युवा पीढ़ी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आएंगे। डॉ. कमलेश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद होने से बचाने और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करने को कहा। सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने कहा कि प्रकृति को नमन करना हमारी संस्कृति है। लोक परम्परावों में प्रकृति की आत्मा का वास है।

मौके पर विद्यालय के निदेशक राधेश्याम प्रसाद अतिथियों के साथ विद्यालय में पौधे लगाये और पौधों की देखरेख करने वाले छात्र छात्राओं को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में  आदित्य कुमारी, दिव्या सिंह, खुशी कुमारी, निशा कुमारी, अभिमन्यु पांडेय, राम बहादुर राय, सुमन सिंह, संतोष सिंह के साथ बच्चों ने अपनी महती भूमिका निभाई

anand prakash

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