बापू की कर्मभूमि, महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि, बुद्ध की ज्ञान भूमि को अब अध्यात्मिक भूमि के रूप में भी मिलेगी विश्व प्रसिद्धि 

बापू की कर्मभूमि, महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि, बुद्ध की ज्ञान भूमि को अब अध्यात्मिक भूमि के रूप में भी मिलेगी विश्व प्रसिद्धि 
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– 17 जनवरी को भव्य सहस्त्रलिघ्ंगम की प्राण प्रतिष्ठा व पूजन इतिहास के पन्नो में हो जायेगा दर्ज

– बिहार के पूर्वी चम्पारण का कैथवलिया गांव अब बन जायेगा विश्व प्रसिद्ध  धाम  


-प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु कर रहे महादेव का दर्शन  
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिला के चकिया अनुमंडल मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर केसरिया रोड में स्थित कैथवलिया इन दिनों पूरी दुनिया के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस चर्चा का प्रमुख कारण है विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर और इस परिसर में स्थापित होनेवाला सहस्त्रलिघ्ंगम शिवलिंग। गुरूवार की सुबह के आठ बजे हैं और कुहासे की हल्की चादर के बीच आस्था की नदी का प्रवाह आरंभ हो चुका है।

यहां तमिलनाडु के मदुरै से लाए गए सहस्त्रलिघ्गम, जो संसार का सबसे बड़ा शिवलिंग है को देखने कार, आटो, बाइक, साइकिल और पैदल आनेवाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। मुख्य सड़क से 500 मीटर की दूरी पर विराट रामायण मंदिर परिसर में ट्रक के उपर सहस्त्रलिघ्गम रखा हुआ है। सड़क किनारे से लेकर मंदिर परिसर तक सैकड़ों अस्थायी पूजा सामग्री से लेकर सस्ती श्रृंगार की वस्तुएं सजा कर रखी हुई है। यहां जत्थे में महिलाएं और पुरुष पहुंच रहे हैं। इनके बीच सहस्त्रलिंगम की चर्चा बड़े जोरो पर हो रही है, क्योंकि जो तमिलनाडु से शिवलिंग लाया गया है, उसमें 1008 शिवलिंग की प्रकृति प्रतिकृतियां बनी हुई है। कहा जाता है कि सहस्त्रलिंगम पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती है। यही कारण है कि इसकी चर्चा आसपास के जिले से लेकर सभी प्रखंडों तक हो रही है।

स्थानीय लोग बताते हैं कि अबतक 50 लाख से ज्यादा लोग शिवलिंग का दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन तीन लाख से ज्यादा लोग शिवलिंग का दर्शन करने आ रहे हैं। यही कारण है कि लोगों में आस्था का उत्साह लहरें मार रहा है। पास के गांव से आई मालती देवी बताती है कि यह शिवलिंग दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है और इसकी चर्चा सुनकर उनके साथ उनके गांव की दर्जनों महिलाएं यहां पहुंची हैं।  शिवलिंग देखने को  आतुर श्रद्धालु चार पहिया, दो पहिया वाहनों से लगातार पहुंच रहे हैं। यहां छोटे-मोटे होटल भी खुल चुके हैं और ठंड के बचाव के लिए चाय की छोटे-छोटे स्टॉल भी कई जगह लगे हुए हैं। अधिकांश श्रद्धालु शिवलिंग के आसपास रह रहे है। जब उधर से लौट कर आते हैं तो ज्यादातर लोग स्टॉल के पास आकर चाय पीते हैं।

जहां अमूमन हर प्रत्येक चर्चा कर रहे हैं कि इतने ऊंचे शिवलिंग स्थापना के बाद इस पर जलाभिषेक कैसे होगा।  विराट रामायण मंदिर भी आकार ले रहा है। जिसमें कई देवी-देवताओं के मूर्ति स्थापित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व पदाधिकारी एवं महावीर मंदिर न्यास ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने विश्व के सबसे बड़े मंदिर के निर्माण की पहल की। उनके असामायिक निधन के बाद पुत्र शायण किशोर पुत्रवधू सांसद शांभवी चौधरी पिता सपने को पंख लगा रहे हैं, उनके साथ पटना हनुमान मंदिर एवं धार्मिक न्यास ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्य  दिन-रात तैयारी में जुटे हुए हैं। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारी की जा रही है।

चंपारण प्रक्षेत्र के डीआईजी हरीकिशोर, पूर्वी चंपारण के कलेक्टर सौरभ जोरवाल, पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात सहित महकमे की बड़ी टीम मंदिर परिसर एवं बाहरी क्षेत्र का लगातार मुआयना कर रहे हैं। इस दौरान हेलीपैड, मंदिर परिसर के आसपास उड़ने वाली भीड़, यातायात, पार्किंग, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जा रहा है।

– लाखों दर्शकों व श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़


विश्व-प्रसिद्ध विराट रामायण मदिर में स्थापित होनेवाले सहस्त्रलिंगम महादेव के दर्शन को लेकर श्रद्धालु सहित देखने वालों की भारी भीड़ उमड़ेगी। फलस्वरुप मंदिर प्रबंधन समिति सहित प्रशासन फूंक-फूंक कर चल रही है। स्थानीय लोग भी स्थापना पूजन को लेकर कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं, लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।  जाहिर है बापू की कर्मभमि महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि एवं बुद्ध की ज्ञान भूमि अब अध्यात्मिक भूमि के रूप में  विश्व-प्रसिद्ध होगी। रामायण मदिर 17 जनवरी को एक अनंत कथा का गवाह बन जाएगा।
-हेलीकॉप्टर से पवित्र नदियों के जल से बाबा का होगा जलाभिषेक एवं पुष्प की वर्षा
प्रबंधन कमटी, शिवलिंग  स्थापना को इतिहास के पन्नों में अमर रखने के ख्याल से हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की है। उड़न खटोला आदिकाल में पुष्प बरसाने के लिए जाने गए हैं। नतीजतन यहां भी इस आधुनिक युग में  हेलीकॉप्टर से विभिन्न नदियों से लाए गए जल से बाबा को जलाभिषेक एवं फूलों की वर्षा की जएगी। जाहिर है यह पल लोगों के लिए यादगार माना जाएगा।

– मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिवलिंग की पूजन की संभावना 


संभव है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे महकमे के साथ अपनी  यात्रा  के दूसरे दिन कैथवलिया पहुंचेंगे। सुबह 8 बजे से पूजा प्रारंभ हो जाएगा। यजमान सायण कुणाल सह पत्नी विधिवत पूजा अर्चन करेंगे इस अवसर पर पटना हनुमान मंदिर के आचार्य सहित बनारस के प्रसिद्ध आचार्य के मंत्रोच्चारण के बीच बोल बम हर हर महादेव के जयकारे के बीच सहस्त्र लिंगम महादेव की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
बिनोद कुमार सिंह की रिपोर्ट

anand prakash

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