केन्द्र सरकार मनरेगा को समाप्त कर बेरोजगारी और पलायन बढाने का कर रही है साजिश:गप्पू राय
मोतिहारी। मोदी सरकार मनरेगा को समाप्त कर गांधी के ग्राम स्वराज के सपनो को समाप्त कर रही है,साथ ही रोजगार सृजन की योजना के समाप्ति से बड़े पैमाने पर बेरोजगारी को आमंत्रित कर रही है।
उक्त बाते शनिवार को बंजरिया पंडाल स्थित गांधी आश्रम परिसर में कांग्रेस पार्टी ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन के सफल क्रियान्वयन को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष गप्पू राय ने कही। इस दौरान उन्होने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों और नाम परिवर्तन को लेकर तीखी आलोचना करते हुए कहा कि
केंद्र सरकार पर मनरेगा का नाम बदलकर न केवल गांधी जी का अपमान किया है,बल्कि नए कानून के जरिए मनरेगा में निहित रोजगार के वैधानिक गारंटी को भी खत्म करने जा रही है।
श्री राय ने कहा कि इस नये कानून से ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकार कमजोर होंगे।पंचायती राज की स्वायत्तता कमजोर होगी और केंद्र सरकार का मनमानी नियंत्रण बढ़ेगा, जो लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के सिद्धांत के खिलाफ है।गप्पू राय ने कोरोना महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर हुए मजदूरों के पलायन का जिक्र करते आरोप लगाया कि यह सरकार रोजगार विरोधी है,यह रोजगार सृजन को मजबूत करने के बजाय,ऐसे कानून ला रही है जिससे मजदूरों की स्थिति और खराब होगी तथा पलायन बढ़ेगा।
उन्होने कहा कि इस कानून में बिहार जैसे गरीब राज्यों पर मनरेगा के खर्च का 40 प्रतिशत बोझ डाल दिया है,जो गंभीर चिंता का विषय है, उन्होंने बताया कि पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत राशि वहन करती थी। अब न तो आवंटन की कोई गारंटी है और न ही राज्यों को आर्थिक सुरक्षा, जिससे राज्यों की वित्तीय स्थिति पर भारी दबाव पड़ेगा और विकास कार्य बाधित होंगे।केन्द्र सरकार इस कानून के द्धारा देश में खासकर बिहार जैसे राज्य में बेरोजगारी और पलायन को बढावा देने की साजिश कर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाकर सरकार के रोजगार विरोधी और गांधी नीतियो का पर्दाफाश करेगी।

