मनरेगा पीओ के कार्यालय में अनुपस्थिति से विकास कार्य प्रभावित, जनप्रतिनिधियों में रोष
कोटवा। प्रखंड कार्यालय में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी का कम आना जनप्रतिनिधियों के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है , जाहिर है उसका सीधा असर विकास कार्यो पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मनरेगा पीओ को कोटवा के साथ-साथ पताही प्रखंड का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। तय शेड्यूल के अनुसार उन्हें सोमवार से बुधवार तक कोटवा प्रखंड कार्यालय में या फील्ड में रहना है, लेकिन तीन कार्य दिवस होने के बाद भी उनका कार्यालय नहीं आना कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
इस मुद्दे को लेकर मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि एक तो 6 दिन के जगह उनको 3 दिन का कार्य अवधि है उसके बाद भी लगातार गायब रहते है। मनरेगा पीओ के नियमित रूप से कार्यालय नहीं आने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रतिदिन कई मुखिया और पंचायत समिति सदस्य प्रखंड कार्यालय आते है और बैरंग वापस लौट जाते है। अधिकारी के अनुपस्थित रहने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। श्री यादव ने बताया कि बुधवार को पीओ का कार्यालय आने का शेड्यूल था, लेकिन मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने खुद को बाहर बताया और कहा कि गुरुवार से 27 दिसंबर तक मीटिंग में रहेंगे।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि मीटिंग अगले दिन से है तो बुधवार को कुछ समय निकालकर कार्यालय का कार्य निपटाया जा सकता था। मुखिया संघ अध्यक्ष ने कहा कि इस गंभीर विषय को लेकर वे जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और वरीय पदाधिकारियों से शिकायत भी करेंगे। वहीं इस संबंध में बीडीओ चिरंजीवी पांडे ने बताया कि मनरेगा पीओ ट्रेनिंग के लिए पटना गए हुए हैं।

