बाल संरक्षण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
पूर्वी चंपारण। जिला बाल संरक्षण इकाई के तत्वाधान में “किशोर न्याय अधिनियम 2015, बिहार किशोर न्याय नियमावली 2017, POCSO Act 2012 एवं बाल संरक्षण से संबंधित विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को समाहरणालय स्थित राजेन्द्र भवन में किया गया।

कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, उप विकास आयुक्त, वरीय उपसमाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी , जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, किशोर न्याय परिषद के सदस्य, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ-साथ कई न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं कार्यालय के सभी कर्मीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सहायक निदेशक बाल संरक्षण ने बताया कि बच्चों को संरक्षण एवं सुलभ वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन के प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारी से बच्चों के संरक्षण की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया गया ।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तर से आए हुए प्रशिक्षकों ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम का मुख्य उद्देश्य नाबालिक बच्चों को अपराध के रास्तों से दूर रखना है, जिसमें जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय परिषद
बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी एवं बाल कल्याण समिति की अहम भूमिका है।
इनके आपसी सामंजस्य एवं समन्वय से ही किशोर न्याय अधिनियम को धरातल पर लागू करते हुए नाबालिक बच्चों को अपराध से मुक्त रखने का लक्ष्य प्राप्त किया सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कई न्यायिक पदाधिकारी एवं प्रशासनिक पदाधिकारी के द्वारा सभा को संबोधित किया गया एवं आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई।

