मानवाधिकार जागरूकता समारोह का हुआ समापन
पूर्वी चंपारण। मानवाधिकार को लेकर बीते 3 दिसंबर को सुगौली में शुभारंभ सप्ताहिक जागरूकता समारोह का समापन बुधवार को जिला मुख्यालय मोतिहारी नगर के उर्दू लाइब्रेरी में हुआ। जन संवाद की अध्यक्षता करते हुए भैरव दयाल सिंह ने कहा कि देश के अंदर खुलेआम मानव अधिकार का हनन हो रहा है। देश में संविधान है। लेकिन कानून देश के अंदर लागू नहीं है। जिसकी लाठी उसकी भैंस की कहावत चरितार्थ हो रही है।

उन्होंने देशवासियों से आगाह किया कि समय रहते चेत जाए वरना, भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। मुख्य अतिथि रत्नेश्वरी शर्मा ने कहा कि सिर्फ समस्याओं को रख देना बहादुरी नहीं है, बल्कि समाधान पूरक बातें भी होनी चाहिए। मानव अधिकार का हनन किस परिस्थिति में हो रहा है, उसके कारणो को तलाशने की जरूरत है। पत्रकार अशोक वर्मा ने कहा है कि देश के अंदर आज कानून है संविधान है बच्चा जन्मते ही कानूनी अधिकार प्राप्त कर लेता है, वारिस बन जाता है, देश का कानून उस पर लागू हो जाता है। परंतु बड़े लुभावने कानून अखबार की सुर्खियों में दिखाई तो देता है। पर जमीन पर उतर नही पाता है। संवाद को प्रो जगदीश विद्रोही सामाजिक शोध एवं विकास केंद्र के संस्थापक अमर, डंकन अस्पताल रक्सौल के दिग्गल डॉ. मोबिन हाशमी आदि ने भी संबोधित किया।
वही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को स्थानीय अम्बेडकर भवन के प्रांगण में मानवाधिकार संरक्षण विषय पर परिचर्चा आयोजन किया गया । उक्त अवसर पर मानवाधिकार एक्टिविस्ट विद्यानंद राम ने विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। कार्यक्रम का आयोजन भूमि अधिकार अभियान बिहार के बैनर तले किया गया था। परिचर्चा का संचालन भूमि अधिकार अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारसनाथ अम्बेडकर ने किया। उक्त अवसर पर गोपाल कुमार, पूर्व सरपंच रवींद्र राम, हरेंद्र राम, अनिल कुमार, राजभारती, आशुतोष कुमार, करीमन राम, रेनू कुमारी, नीतू कुमारी ,आशा कुमारी ,पूनम देवी, उषा कुमारी आदि ने संबोधित किया।

