स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने मासिक कार्यक्रम के तहत किया 10:बजे 10 मिनट स्वतंत्रता सेनानी को याद करो का आयोजन
मोतिहारी। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति ने राष्ट्रीय कार्यक्रम अंतर्गत प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम 10 बजे 10 मिनट स्वतंत्रता सेनानी को याद करो अंतर्गत लक्ष्मीपुर गांव स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी मनमोहन प्रसाद श्रीवास्तव के आवास पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव ने की।कार्यक्रम मे सर्वप्रथम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने राष्ट्रध्वज फहराया फिर सामुहिक राष्ट्र गान हुआ उसके बाद उपस्थित तमाम उत्तराधिकारी सहित अन्य लोगो ने सेनानी मदनमोहन प्रसाद श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हे नमन किया।
द्वितीय सत्र के विचार संगोष्ठी मे महेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने सेनानी मनमोहन प्रसाद के संघर्ष गाथा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि 1930 मे नमक सत्याग्रह मे उनकी गिरफ्तारी हुई थी और उन्होने सश्रम कारावास की सजा काटी थी।जेल से निकलने पर वे और ही आक्रामक होकर सरकारी दफ्तरो पर झंडा फहराकर अंग्रेजो को चुनौती देने लगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि जिस देश के लोगों ने अपने स्वतंत्रता सेनानी एवं उनके परिवार को सम्मान दिया और सुधी ली वह देश उन्नति के शिखर तक पहुंचा ,काश भारत में भी ऐसा हुआ रहता । प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अमरनाथ ने कहा कि बिहार
के प्रत्येक जिले में यह संगठन धीरे-धीरे सक्रिय होता जा रहा है और बहुत जल्द हम लोग राज्य सम्मेलन पटना मे करेंगे। कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने संगठन के मजबूती पर बल दिया। पूर्व प्राचार्य एवं संस्था की संरक्षक शशि कला कुमारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार के जो लोग भी आज अभाव मे जीवन यापन कर रहे हैं हम लोग अपने स्तर पर उन्हें मदद करेंगे। उनकी सूची तैयार करने का उन्होंने जिला अध्यक्ष को निरदेश दिया। संचालन के दौरान जिला अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक ने कहा कि जिले के 6 अनुमंडल में हम लोग सक्रिय हैं तीन अनुमंडल में संगठन का विस्तार हो चुका है,तीन अनुमंडल में दिसंबर के अंत तक हो जाएगा ।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी मनमोहन प्रसाद श्रीवास्तव के त्याग और बलिदान पर विस्तार से चर्चा की ।कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में उमेश कुमार सिंह , रविंद्र कुमार सिंह, मुकेश कुमार, नीरज कुमार, आदि थे। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक मनोज कुमार ने किया।

