रक्सौल में स्थापित बाबासाहेब की प्रतिमा उपेक्षित
अम्बेडकर मंच ने मूर्ति के समीप गोलम्बर निर्माण की मांग
रक्सौल। अंबेडकर चौक स्थित संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित माल्यार्पण कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस उपेक्षा को खुलकर रेखांकित किया, इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता करार दिया गया। अंबेडकर ज्ञान मंच के सदस्यों ने कहा कि प्रतिमा के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश की व्यवस्था, सुरक्षा तथा सौंदर्यीकरण का अभाव है। यह स्थिति राष्ट्रनिर्माता के प्रति अनादर है। कार्यक्रम के माध्यम से अंबेडकर चौक को शीघ्र गोलम्बर के रूप में विकसित करने की मांग की गई, ताकि यह स्थल सुरक्षित के साथ ही सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखे। मंच के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि-जब शहर के अन्य चौक-चौराहो का विकास हो सकता है, तो अंबेडकर चौक की उपेक्षा क्यों? स्थानीय लोगों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

