फूलो की व्यवसायिक उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
-बिहार की जलवायु में फूलों की खेती काफी लाभदायक:डॉ. किशोर
पीपराकोठी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीन पंडित दीनदयाल उपाध्याय उधान एवं वानिकी महाविद्यालय, पीपराकोठी में बामेती, पटना द्वारा प्रायोजित “फूलो की व्यवसायिक उत्पादन” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डॉ. कुंदन किशोर, वरिष्ठ प्रो. डॉ. रमेश कुमार झा एवं डॉ. राम निवास सिंह द्वारा दीप प्रज्कजवलित कर किया गया।
डॉ. कुंदन किशोर ने कहा कि बिहार की जलवायु फूलों की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है। वर्तमान समय में फूलों का व्यवसायिक उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक अत्यंत संभावनाशील एवं लाभकारी उद्यम के रूप में तेजी से उभर रहा है।

कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिले के 30 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया, जिनमें प्रखंड बागवानी अधिकारी, प्रखंड प्रौद्योगिकी प्रबंधक, सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक तथा प्रगतिशील किसान शामिल थे। तीन दिनों तक विशेषज्ञों द्वारा ग्लैडियोलस, गेंदा, रजनीगंधा, जरबेरा जैसे प्रमुख फूलों की उन्नत खेती , पौध उत्पादन, रोग एवं कीट प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, कट-फ्लावर हैंडलिंग, तथा बाजार-लिंकिंग पर विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों के लिए फील्ड विज़िट और इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।
मंच संचालन सहायक प्राध्यापक, डॉ. पंकज सिंह ने गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. सुधीर दास ने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और कृषि-तकनीकी अधिकारियों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

