चंपारण परिवर्तन महोत्सव में सांसद ने दिया विकसित चंपारण के निर्माण का संदेश
मोतिहारी।चंपारण परिवर्तन महोत्सव में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चंपारण परिवर्तन महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई सोच, नए संकल्प और विकसित चंपारण के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास का प्रतीक है।
चंपारण की पहचान केवल उसके गौरवशाली इतिहास तक सीमित नहीं है। यह वह ऐतिहासिक धरती है, जहां से पूज्य महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। चंपारण हमेशा देश और समाज को मार्ग दिखाने का कार्य किया है। आज आवश्यकता है कि हम अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित चंपारण के निर्माण का संकल्प लें।
श्री सिंह ने कहा कि परिवर्तन का अर्थ केवल व्यवस्था में बदलाव नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में निरंतर विकास के माध्यम से चंपारण को नई ऊंचाइयों तक ले जाना हमारा सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में बिहार और चंपारण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
चंपारण की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे विकास और पर्यटन के नए अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि चंपारण का विकास तभी सार्थक होगा, जब विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हों। स्थानीय प्रतिभा, स्थानीय उत्पाद और स्थानीय संसाधनों को प्रोत्साहन देकर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि चंपारण के विकास को केवल सरकार या किसी एक संस्था का दायित्व न मानकर इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब समाज की शक्ति, युवा ऊर्जा और जनप्रतिनिधियों के प्रयास एक दिशा में आगे बढ़ेंगे, तभी परिवर्तन स्थायी और व्यापक बनेगा।

