बेतिया राज की जमीन अधिग्रहण के विरोध में 27 अक्टूबर को धरना
-तुरकौलिया में चंपारण किसान मजदूर संघर्ष समिति ने किसानों ने बनाई आंदोलन की रणनीति
मोतिहारी। तुरकौलिया में रविवार को चंपारण किसान मजदूर संघर्ष समिति, पूर्वी चंपारण की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने की। इस दौरान सरकार द्वारा बेतिया राज की जमीन के अधिग्रहण से जुड़े मामले पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद किसानों ने जमीन से जुड़े मुद्दे को लेकर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि बेतिया राज की जमीन के अधिग्रहण के मामले को लेकर जिले के किसानों में नाराजगी है। सरकार की नीतियों के विरोध में किसान एकजुट हो रहे हैं। फलस्वरूप चंपारण से एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने किसानों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार की नीतियों के विरोध में आगामी 27 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि धरने के माध्यम से किसानों की मांगों और जमीन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बेतिया राज की जमीन से जुड़े मामले में किसानों और संबंधित रैयतों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
इसके लिए संगठन स्तर पर किसानों को जागरूक करने और आंदोलन को व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक में समिति के प्रधान महासचिव रविन्द्र सिंह कुशवाहा, प्रवक्ता मोहमद कौशर आलम, रामप्रीत प्रसाद, सत्येंद्र सिंह, राजकुमार सिंह, दरोगा सिंह, किसान सुराज दल के अध्यक्ष हरदयाल सिंह, कैलाश सिंह, दशरथ सिंह, जनार्दन सिंह और राजकिशोर सिंह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे। अंत में 27 अक्टूबर के प्रस्तावित धरने को लेकर किसानों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई।

