को-ऑपरेटिव बैंक की सेवा में त्रुटि पर उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश
मोतिहारी। जिला उपभोक्ता आयोग ने दी मोतिहारी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा,अरेराज की सेवा में त्रुटि पाते हुए आवेदक को हर्जाना सहित 82,0000/रुपए देने का आदेश दिया है। मामले में कोटवा थाना के डुमरा निवासी सतेंद्र पांडेय पिता ध्रुव पांडेय ने आयोग में 9 मार्च 2024 को परिवाद दायर किया था।
परिवाद में कहा गया है कि वे ऋषि एंड सन्स पार्टनरशिप फॉर्म का संचालक है। उसके फार्म का चालू खाता उक्त बैंक में है। वे 27 जुलाई 2020 को फॉर्म के बचत खाता में 7,95000 रुपए जमा कराया। तत्कालीन कैशियर द्वारा उसे जमा पर्ची दी गई। परंतु उसके खाता में राशि जमा नहीं किया गया।
इस बाबत वे कई बार बैंक का चक्कर भी लगाए, परंतु सिर्फ आश्वासन दिया गया। उसके खाता में राशि जमा नहीं किए जाने के बाद उसने 29 नवंबर 2023 को संबंधित पदाधिकारी को वकालतन नोटिस दिया। बावजूद इसके बैंक पदाधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अंततः आवेदक ने 9 मार्च 2024 को आयोग में परिवार दायर किया। जिसका परिवाद संख्या 41/2024 है।
आयोग ने परिवाद के सुनवाई व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई पूरी करते हुए बैंक के पदाधिकारियों की सेवा में त्रुटि पाते हुए मूल राशि 79,5000 रुपए व शारीरिक मानसिक पीड़ा एवं वाद के लिए संयुक्त रूप से 25,000 रुपए दो माह के भीतर भुगतान करने का आदेश पारित किए।
साथ ही आदेश का पालन नहीं करने पर आदेश की तिथि से भुगतान की तिथि तक 7 फीसदी ब्याज देना होगा। आयोग के अध्यक्ष गिरीश मिश्र व सदस्य संजीव कुमार ने अपने आदेश में तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर व मैनेजिंग डायरेक्टर के सेवा में त्रुटि बताते हुए कहा है कि बैंक प्रबंधक इस राशि का भुगतान तत्कालीन कैशियर विपक्षी नं. 2 से प्राप्त करने तथा उसके देयता से कटौती करने हेतु स्वतंत्र है।

