डेंगू से बचाव हेतु जन जागरूकता बेहद जरूरी:डॉ. निकेश
मोतिहारी। बरसात के समय में डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी जाती है,, फलस्वरूप कई लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं। यही वजह है कि डेंगू की बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। ये बातें जिले के डीभीडीसीओ डॉ. निकेश कुमार सिंह ने कहीं है।
उन्होंने बताया की जिले में 11 केस मिले है। इनमें तुरकौलिया 2, चिरैया 2 केसरिया 1, अरेराज 1, रक्सौल 2, तेतरिया 1 चकिया 1 हरसिद्धि 1 शामिल है। लिहाजा डेंगू के बारे में जागरूक होकर अपने व अपने परिवार की खुद रक्षा कर सकें।
एडिस मच्छर के काटने से डेंगू रोग होता है। इससे बचाव के लिए सोते समय रात में मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। घर के आस-पास समय पर मच्छर मारने वाली दवाओं का छिड़काव भी करना चाहिए।
डेंगू के मामले मानसून के शुरू होने के बाद से ही सामने आने लगते हैं। दरअसल, डेंगू का लार्वा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। ऐसी सूरत में लापरवाही बरतने पर डेंगू फैलने की आशंका बढ़ जाती है। डेंगू की बीमारी में मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते हैं।
अगर प्लेटलेट्स बेहद कम हो जाए तो इससे मरीज की गम्भीर स्थिति भी हो सकती है। इस संबंध में जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डॉक्टर से संपर्क करें।
समय पर इलाज कराने पर मरीज ठीक हो जाता है। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती होना पड़ता है। समय पर इलाज कराने पर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य हो सकता है।

