आपसी समन्वय बनाकर जिला को अग्रणी बनाएं पदाधिकारी: राधामोहन सिंह
मोतिहारी। समाहरणालय मोतिहारी स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद, राधा मोहन सिंह ने कहा कि जिले में विकास के कार्यों को गति मिली है। जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी एवं कार्य विभाग अभियंता आपसी समन्वय के साथ योजनाओं को सही ढंग से धरातल पर उतारने में अपनी भूमिका निभाते हुए निर्धारित समय अवधि में योजनाओं को पूर्ण कराएं, ताकि उसका लाभ आमजन को समय से मिल सके।
समीक्षा बैठक में सांसद पश्चिमी चंपारण डॉ. संजय जायसवाल, विधायक प्रमोद कुमार, राणा रणधीर, कृष्ण नंदन पासवान, श्याम बाबू प्रसाद यादव, सचिंद्र प्रसाद सिंह, राजू तिवारी, राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, विशाल साह, विधान पार्षद डॉ. खालिद अनवर, अध्यक्ष जिला परिषद ममता राय, उप महापौर लाल बाबू प्रसाद गुप्ता, मुख्य पार्षद नगर परिषद उपस्थित थे।
इनके अतिरिक्त जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्य विभाग के सभी कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
तत्पश्चात बैठक की कार्रवाई प्रारंभ हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त ने जिले में चल रहे विकास के कार्यों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एक-एक कर बताया गया। इनमें मनरेगा अंतर्गत सक्रिय कुल 402368 जॉब कार्ड निर्गत बताया गया है। जिला में माह सितम्बर 2026 तक 2128422 मानव दिवस का सृजन किया गया है। खेल मैदान के निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 308 जगह खेल मैदान को पूर्ण कराया गया है। कुल 32 ग्रामीण हाट के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)अंतर्गत 25-26 में ली गई योजना में 33086 मकान को पूर्ण कराया गया है। सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत पेंशन योजना में पूर्वी चंपारण जिला पूरे बिहार में पहले स्थान पर है। उज्ज्वला योजना के तहत 28 लाख परिवारों को उज्ज्वला का कनेक्शन दिया गया है। अन्य सभी विभागों की योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की गई।
सांसद के द्वारा पूर्व की बैठक में सदस्य गणो की तरफ से आए प्रश्न और उसके जवाब में विभागीय पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। तपश्चात उपस्थित सभी विधायक, विधान पार्षद एवं समिति के अन्य सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्या एवं विकास से संबंधित मांगों को रखा। वहीं उसकी सूची उपलब्ध कराया। सांसद ने कहा कि बिजली के अवैध कनेक्शन की नियमित रूप से जांच की जाए।
ट्रांसफार्मर पर अचानक लोड बढ़ने से समस्याएं उत्पन्न हो रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर निर्देश दिए। नैनो यूरिया को प्रोत्साहित किया जाए ताकि किसान इसका इस्तेमाल करें। धनौती नदी से जलकुंभी को हटाने और हरसिद्धि के गांधी घाट के आसपास पर्यटन की संभावना को लेकर पर्यटन शाखा की तरफ से एक प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित किया। अरेराज स्थित बाबा सोमेश्वर नाथ मंदिर की तरफ जाने वाली सभी सड़के चौड़ी होगी। एक माह में इससे संबंधित टेंडर निकल जाएगा।
मॉडल स्कूल के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आने का आह्वान किया गया। जिला में नव स्थापित डिग्री कॉलेज के लिए जमीन की उपलब्धता को लेकर चर्चा हुई। सांसद ने जिला प्रशासन के द्वारा सहयोग शिविर के सफल आयोजन एवं 80 प्रतिशत से अधिक समस्याओं के समाधान पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है यह स्वागत योग्य है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज की बैठक में जो भी निर्णय लिए गए है और जिन समस्याओं के बारे में जनप्रतिनिधियो के द्वारा बताया गया है, उस पर तत्परता के साथ कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारी को निर्देश दिया जाएगा। इन सभी बिंदुओं पर कृत कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन सदस्यों को उपलब्ध कराया जाएगा।

