खरना संपन्न,व्रतियो का 36 घंटे का निर्जला उपवास हुआ शुरू
पूर्वी चंपारण। लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को छठ व्रतियों ने रवि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में खरना का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे निर्जला उपवास का संकल्प लिया। तीसरे दिन सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय इस व्रत का समापन हो जाएगा। महापर्व को लेकर जिले भर के सभी पवित्र नदियो, सूर्य मंदिर,तालाब के साथ ही लोगो घर छतों पर अर्घ्य की तैयारियां पूरी कर ली हैं।विभिन्न नदियो और तालाबो पर बने घाटो को साफ-सफाई कर उसे दुल्हन की तरह संजाया गया है।
पंडित धुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के साथ सुकर्मा योग एवं रवियोग में व्रती अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगे। मंगलवार को त्रिपुष्कर योग एवं रवियोग का संयोग बना रहेगा। उन्होने बताया कि वैदिक मान्यताओं के अनुसार सायंकालीन अर्घ्य से मानसिक शांति और जीवन में उन्नति होती है। लाल चंदन, फूल के साथ अर्घ्य देने से यश की प्राप्ति होती है।वही प्रातकालीन सूर्य को अर्घ्य देने से आरोग्य, आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है।नित्य सूर्य को अर्घ्य देने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

