पुनौरा धाम में पुराने गर्भगृह से विग्रह के बाद सीताराम मंडपम में मां जानकी हुई स्थापित,मुख्यमंत्री बोले- 2028 तक बन जाएगा मंदिर
सीतामढी। पुनौरा धाम में शनिवार को ‘श्री सीताराम मंडपम’ में विधिवत पुराने गर्भगृह से विग्रह के बाद मां जानकी एवं राम दरबार की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई।मंदिर के महंत कौशल किशोर दास के नेतृत्व में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां जानकी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान सीएम ने मंदिर परिसर में नव निर्मित अस्थायी सीताराम मंडपम में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं की स्थापना भी की। सम्राट ने कहा कि 2028 तक पुनौरा धाम में नए भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुनौरा धाम में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने प्रस्तावित मंदिर परिसर के मॉडल के माध्यम से मंदिर, परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, संग्रहालय, ऑडिटोरियम, महिला हाट सहित अन्य प्रस्तावित भवनों एवं श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीतामढ़ी के पुनौरा धाम के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सम्राट चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2028 तक यहां भव्य माता जानकी मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और मां जानकी को नए मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुनौरा धाम केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
सीएम ने आगे कहा कि सीता माता की जन्मभूमि होने के कारण इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष है। मंदिर निर्माण और पुनौरा धाम के विकास से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पुनौरा धाम को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंदिर परिसर में आयोजित बज्जिका कला एवं सिक्की कला पर आधारित शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार की लोक कला और संस्कृति राज्य की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
पुनौरा धाम मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह, समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता, सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक पंकज मिश्रा, सुनील कुमार पिंटू, अमित कुमार, गायत्री देवी, अनिल राम आदि के साथ मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, जिलाधिकारी रिचि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक अमित रंजन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

