कृषि निदेशक के आदेश पर जिलेभर में उर्वरक एवं कीटनाशक प्रतिष्ठानों पर ताबतोड़ छापेमारी

कृषि निदेशक के आदेश पर जिलेभर में उर्वरक एवं कीटनाशक प्रतिष्ठानों पर ताबतोड़ छापेमारी
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– मेसर्स तरूण खाद बीज भंडार सहित दर्जनों दुकानदारों के लाईसेंस निलंबित, जबाब-तलब

– अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक के बाद निदेशक ने दिए उर्वरक मामले में दिए सख्त निर्देश

मोतिहारी। कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में संयुक्त कृषि भवन, मोतिहारी में समीक्षा बैठक का आयोजन शुक्रवार को किया गया। बैठक में संयुक्त निदेशक (शष्य) तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर, जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकाररी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर कृषि निदेशक ने उर्वरक की आवश्यकता, उपलब्धता, उपावंटन एवं वितरण सेे संबंधित गहन समीक्षा की। उन्होने निर्देश दिया कि कृषि पदाधिकारियों का जिला प्रशासन के साथ उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी, गैर कृषि उपयोग एवं किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया एवं अन्य उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए टीम गठित कर नियमित छापेमारी करें, ताकि किसानों को सुगतापूर्वक उर्वरक की प्राप्ति हो सके।

समीक्षोपरांत कृषि निदेशक नेे निर्देश के आलोक में संयुक्त निदेशक (शष्य) एवं जिला कृषि पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से थोक एवं खुदरा उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इस क्रम में अनियमितता की आशंका के आधार पर थोक उर्वरक विक्रेता मेसर्स तरूण खाद बीज भंडार के उर्वरक अनुज्ञप्ति को निलंबित करते हुए कारण पृच्छा की गई है।

वहीं किसान काॅल सेंटर से प्राप्त शिकायत की रैंडम जांच के दौरान पाया गया कि मेसर्स कुशवाहा खाद बीज भंडार, प्रो. इन्द्रासहन महतो, छौड़ादानों एवं मे. कुशवाहा खाद बीज भंडार, प्रो. लक्ष्मण प्रसाद, के द्वारा उर्वरक की बिक्री सरकार के निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर की जा रही थी, उक्त दोनों प्रतिष्ठानों के खुदरा अनुज्ञप्ति को निलंबित करते हुए जबाब तलब किया गया।

वहीं खरीफ 2026 में विभाग स्तर से प्राप्त बीज के लाभाविंतों से रैंडम काॅल कर स्थिति से अवगत होने का प्रयास किया गया। नतीजतन काॅल के दौरान किसानों से प्राप्त फीडबैक एवं शिकायत के आधार पर मे. कुमार खाद बीज भंडार,  पताहीं के बीज अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए कारण पृच्छा की गई। इस समीक्षा के क्रम में सहायक निदेशक रसायन को निर्देश दिया गया कि किसानों के बीच मिट्टी जांच कराते हुए स्वाॅयल हेल्थ कार्ड त्वरित गति से जारी करें।उर्वरक के प्रयोग के बारे में किसानों में  जागरूकता फैलाये, ताकि किसानों द्वारा संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग किया जा सके।

सहायक निदेशक पौधा संरक्षण को निर्देशित किया गया कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को  समय पर  क्रियान्वित करें। कृषि निदेशालय के आदेश ज्ञापांक 4311 दिनांक 27 जुलाई के आलोक में गठित उड़नदस्ता दल में नामित सदस्य  विनय कुमार पांडेय, अपन निदेशक (रसायन) पटना एवं रवि कुमार चंद्रवंशी, सहायक निदेशक (रसायन), मिट्टी जांच प्रयोगशाला, पटना के द्वारा संयुक्त रूप से  अरेराज प्रखंड अंतर्गत ईफ्को बाजार, लौरिया अरेराज का निरीक्षण किया गया।  गया। इस क्रम में पाया गया कि बिक्री पंजी में किसानों का मोबाईल नम्बर अंकित नहीं रहने के कारण किसानों से संपर्क नहीं हो पाया। फलस्वरूप जबाब-तलब किया गया।

इसके अतिरिक्त मेसर्स कुशवाहा खाद बीज भंडार, बोरिंग चैक, तुरकौलिया की जांच की गई। इस दौरान पाया गया कि विक्रय पंजी में किसानों का मोबाईल नम्बर इंट्री नहीं था। जबकि पंजी का संधारण सही ढ़ंग से नहीं किया गया था। नतीतजतन दुकानदार से स्पष्टीकरण की मांग की गई। 

मे. धीरज खाद बीज भंडार, लक्ष्मीपुर की जांच के दौरान विक्रय पंजी में किसानों का मोबाईल नम्बर अंकित नहीं था। लिहाजा स्पष्टीकरण की मांग की गई है। वहीं चौधरी खाद बीज भंडार, ढ़ाका की जांच में भी विक्रय पंजी में किसानों के मोबाईल नम्बर अंकित नहीं मिले, फलस्वरूप स्पष्टीकरण की मांग की गई है। मे. मां लक्ष्मी खाद बीज भंडार, की जांच में पाया गया कि उक्त प्रतिष्ठान के स्तर से अधिक मूल्य पर डीएपी की बिक्री की गई है।

नतीजतन  प्रतिष्ठान को निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। थोक उर्वरक विक्रेता मे. आलम एंड कंपनी, ढ़ाका की जांच के दौरान  बिक्री पंजी सहित विक्रय पंजी का सही ढ़ंग से संधारण किया गया था, फलस्वरूप उक्त प्रतिष्ठान में अनियमितता नहीं पाई गई।

वहीं कीटनाशी प्रतिष्ठानों का गठित उड़नदस्ता दल में नामित सदस्य डाॅ. प्रमोद कुमार, अपर निदेशक (पौधा संरक्षण) बिहार, पटना एवं सुशील कुमार सिंह, उप निदेशक पौधा संरक्षण, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा संयुक्त रूप से म. कुशवाहा खाद बीज भंडार, महनवा, तुरकौलिया के कीटनाशी प्रतिष्ठान की जांच गई। इस क्रम में पाया गया कि कीटनाशी अनुज्ञप्ति में बिना इंडोर्समेंट के उत्पाद पाया गया। लिहाजा स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

मे. भगवानी बीज भंडार, छतौनी की  जांच में पाया गया कि कीटनाशी अनुज्ञप्ति बिना इंडोर्समंेट के उत्पाद पाया गया। जहां   प्रतिष्ठान से स्पष्टीकरण की मांग की गई। वहीं मे. किरण खाद बीज भंडार, मोतिहारी की जांच  के दौरान कोई अनियमितता परिलक्षित नहीं हुआ।   मे. सचिन खाद बीज भंडार, मोतिहारी, मे.भवानी खाद बीज भंडार, मोतिहारी, मे. कुशवाहा बीज भंडार, मोतिहारी तथा कंचन सीड्स स्टोर का प्रतिष्ठान बिना पूर्व सूचना के बंद पाया गया। फलस्वरूप उक्त प्रतिष्ठानो से जबाब-तलब किया गया 

anand prakash

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