आपदा प्रबंधन आजीविका और पर्यावरणीय चुनौतियों पर मंथन
– बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप की बैठक में संस्थाओं ने साझा किए अनुभव, सीमा पार प्रदूषण और बाढ़ पर जताई चिंता
मोतिहारी। बिहार इंटर एजेंसी ग्रुप, पूर्वी चंपारण की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को शहर के बेलबनवा स्थित आइडिया कार्यालय में कैरिटास इंडिया के सहयोग से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डंकन अस्पताल के समीर दिग्गल तथा इंटर एजेंसी ग्रुप, पूर्वी चंपारण के संयोजक अमर ने संयुक्त रूप से की।
इसकी शुरुआत कैरिटास इंडिया के प्रतिनिधि अमित कुमार द्वारा संग्रामपुर प्रखंड की मझरिया पंचायत में गत वर्ष से संचालित आपदा प्रबंधन एवं आजीविका संवर्धन कार्यक्रम की विस्तृत प्रस्तुति से हुई।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत स्थानीय किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा ग्रामीणों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सामुदायिक तैयारी और सुरक्षित आजीविका से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जबकि विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा किया।

इस अवसर पर बाल रक्षा भारत से हामिद रजा, आइडिया के संस्थापक दिग्विजय कुमार, अभिषेक कुमार, एफीकोर संस्था से हीरालाल ,कैरिटास से अतीन्द्र कुमार, प्रयास संस्था से गौतम कुमार तथा भारतीय विकलांग मंच से अजहर हुसैन अंसारी सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इंटर एजेंसी ग्रुप के संयोजक अमर ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की पर्यावरणीय चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।कहा कि नेपाल के हथौड़ा और बीरगंज औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला प्रदूषित अपशिष्ट सरिसवा नदी के माध्यम से रक्सौल क्षेत्र में भारतीय सीमा में प्रवेश करता है, जिससे स्थानीय आबादी, पशुधन और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। फलस्वरूप इस मुद्दे पर संबंधित विभागों एवं सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।

