विश्व मानव व्यापार निषेध दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन, एसएसबी समेत कई संस्थाएं हुए शामिल
रक्सौल। विश्व मानव व्यापार निषेध दिवस के अवसर पर 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मानव तस्करी रोधी इकाई नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल हरैया थाना, रक्सौल थाना तथा भारत-नेपाल की कई स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में सीमावर्ती पनटोका गांव में मानव व्यापार के विरुद्ध व्यापक जागरूकता रैली निकाली गई।
उक्त रैली में सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने “जो मानव व्यापार कराएगा, जेल की हवा खाएगा”, “बच्चों की मुस्कान, देश की शान” और “मानव व्यापार मुक्त भारत हमारा संकल्प” जैसे नारों के साथ पूरे गांव में जागरूकता का संदेश फैलाया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए 47 वीं वाहिनी एसएसबी के सहायक कमांडेंट दिनकर कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मानव व्यापार एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसका प्रभाव समाज के सबसे कमजोर वर्ग महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम केवल सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या मानव तस्करी से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने मानव व्यापार के कारणों, इससे बचाव के उपायों तथा बाल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। किसी भी बच्चे के शोषण, तस्करी या संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 तथा प्रयास हेल्पलाइन 9289692023 पर तुरंत सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में 47वीं वाहिनी एसएसबी के इंस्पेक्टर कोमल सिंह, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम के सहायक उप निरीक्षक खेमराज, अरविंद द्विवेदी, शालिनी जोशी एवं कामनी, हरैया थाना की उप निरीक्षक बिट्टू कुमारी एवं उनकी टीम, रक्सौल थाना के पुलिसकर्मी, एसोसिएशन फॉर वॉलेंटरी एक्शन के शिवपूजन कुमार, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के राज गुप्ता, अभिषेक कुमार, उमेश कुमार श्रीवास्तव, किरण वर्मा, आशीष कुमार, स्वच्छ संस्था रक्सौल के रंजीत सिंह एवं साबरा खातून सहित अन्य अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, सरपंच, वार्ड सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं व ग्रामीण उपस्थित थे।

