आयुक्त तिरहुत प्रमंडल ने नीलम पत्रवाद से संबंधित मामलों की समीक्षोपरांत अधिकारियों को दिए निर्देश
– सप्ताह में 3 दिन कोर्ट करेंगे नीलम पत्र पदाधिकारी
-जारी वारंट के विरुद्ध अगले 10 दिन में गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे थानेदार
मोतिहारी। गिरिवर दयाल सिंह, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में नीलम पत्रवाद से संबंधित समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव सहित जिला के सभी नीलमपत्र पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान आयुक्त ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से सर्टिफिकेट सम्बन्धी कोर्ट करें और प्रतिमाह कम से कम 50 मामलों का निष्पादन करें। नीलम पत्रवाद से संबंधित मामलों को सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी गंभीरता से लें।
इस क्रम में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला में कुल 68 नीलम पत्र पदाधिकारी हैं,जिसमें जिला स्तर पर 19, अनुमंडल स्तर पर 12 एवं प्रखंड स्तर पर 37 पदाधिकारी शामिल हैं। फलस्वरूप आयुक्त ने निर्देश दिया कि नीलम पत्र पदाधिकारी की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए और पदाधिकारी को चिन्हित करते हुए आज ही प्रस्ताव भेज दिया जाए, जिसका अनुमोदन एक या दो दिन में कर दिया जाएगा।
यहां जाने कि नीलाम पत्र वाद से संबंधित जिला में कुल 64,354 मामले लंबित हैं। जिसमें जिला स्तर पर 27254, अनुमंडल स्तर पर 18592 एवं प्रखंड स्तर पर 16583 मामले शामिल हैं। ऐसे कुल 44 मामले हैं जिसमें 50 लाख रुपए से अधिक की राशि सन्निहित है। 10 लाख से 50 लाख तक की राशि वाले 199 मामले हैं, जबकि अन्य मामले 10 लाख रुपए की राशि से कम के हैं। नीलम पत्रवाद अंतर्गत जिला में कुल 790 करोड़ की राशि अंतर्निहित है।
तत्पश्चात आयुक्त ने निर्देश दिया कि अपर समाहर्ता एवं जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी सप्ताह में एक बार बैठक कर समीक्षा करें। समीक्षा में मुख्य रूप से इस फैक्ट को शामिल करें कि कितने नीलम पत्रवाद में नोटिस जारी किया गया है। कितने नोटिस का तामिला करा दिया गया है। वैसे कितने मामले हैं, जिसमें चेतावनी नोटिस जारी की गई है। चेतावनी नोटिस के बाद भी टर्न अप नहीं होने पर कितने मामलों में बॉडी वारंट जारी किया गया है। जबकि कितने मामले में कुर्की आदेश निर्गत किए गए हैं।
उन्होने सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी अपने अनुमंडल अन्तर्गत नियमित रूप से नीलम पत्रवाद की समीक्षा करने और इसमें प्रगति लाने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कुल 4144 नीलाम देनदारों के विरुद्ध वारंट जारी किया गया है। लिहाजा आयुक्त ने निर्देश दिया कि जारी किए गए वारंट से संबंधित मामलों को थाना बार अलग-अलग कर सभी थाना प्रभारी को शीघ्र सूचित करें। साथ ही चेतावनी दिया कि अगले 10 दिन में अरेस्टिंग संबंधी कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित थानाध्यक्षों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली बैठक अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में की जाएगी। उस समय तक अगर जारी वारंट के विरुद्ध गिरफ्तारी नहीं हुई तो संबंधित थाना प्रभारी पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी,अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम विभागीय जांच मो. सिबगतुल्लाह सहित सभी अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी डीसीएलआर भी उपस्थित थे। जबकि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक के दौरान अपने प्रखंड/अंचल कार्यालय से जुड़े हुए थे।

