पूर्वी चंपारण जिले में पहली बार कारतूस फैक्ट्री का उद्भेदन,चकिया के ओझा टोला में बन रहा था हाई क्वालिटी का बुलेट कारतूस
-अलग – अलग जगहों से चार गिरफ्तार , गैंग का बेतिया और मुजफ्फरपुर से जुडा है तार
-मुख्य अभियुक्त श्रीकांत सिंह पर पूर्व से यूएपीए एक्ट सहित पांच मामले है दर्ज
मोतिहारी। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए जिले में पहली बार कारतूस बनाने के फैक्ट्री का उद्भेदन किया है।
चकिया के ओझा टोला में छापेमारी के दौरान 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस सहित कारतूस बनाने के कई समान बरामद किए गए है। इसके अलावें चकिया और पकड़ीदयाल अनुमंडल के कुछ जगहों पर छापेमारी की गई जिसमें कुल चार लोग गिरफ्तार किए गए। पुलिस की कारवाई में मुख्य आरोपी श्रीकांत सिंह फेनहारा थाना के मडपा निवासी को गिरफ्तार किया गया है।
छापेमारी टीम को एसपी स्वर्ण प्रभात स्वयं लीड कर रहे थे, जिनके साथ तीन डीएसपी और तकरीबन आधे दर्जन एसएचओ सहित भारी संख्या में सुरक्षा बल की मौजूदगी थी।

– हाई क्वालिटी बुलेट को देख पुलिस भी हो गई दंग
छापेमारी में जब्त किए गए कारतूस इतने उच्च कोटि का दिख रहे थे कि पुलिस वाले भी उसे देखकर हैरान रह गए। फिनिशिंग से लेकर उसका हर भाग बिल्कुल ऑरिजनल जैसा दिखा रहा है। एसपी ने बताया कि ये बुलेट्स देखने में बिल्कुल हाई क्वालिटी जैसा प्रतीत हो रहा है
– गोली सहित भारी मात्रा में निर्माण में उपयोगी समान जब्त
संचालित कारतूस फैक्ट्री में 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस, कारतूस बनाने की मशीनें, गन पाउडर, मेटल शीट, नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, एसीटोन, चारकोल समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक और गोली के निर्माण में उपयोगी सामग्री बरामद की गई है। बताया गया है कि उक्त गैंग के तार मुजफ्फरपुर और बेतिया तक जुड़े है,हालांकि पुलिस को आशंका है कि उनके गोली के सप्लाई का चेन राज्य के अन्य जगहों से भी जुड़ा होगा, जिसे खंगाला जा रहा है।
-गिरफ्तार मास्टर माइंड पर पूर्व से है आपराधिक मामले
इस सिंडिकेट का मुख्य आरोपी श्रीकांत सिंह सहित चार लोग पुलिस के हत्थे चढ़े है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए सभी तरह से अपने सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है। श्रीकांत पर पहले से यूएपीए एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 5 मामले दर्ज है। वर्ष 2012 में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। इस कारवाई में भी संभव है कि फेनहारा और चकिया थाने में एफआईआर दर्ज किया जायेगा, जिसमें यूएपीए एक्ट भी लगना तय है।

-पुलिस टीम को मिलेगा 25 हजार का इनाम
एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा है कि इस आपरेशन में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार नगद इनाम से पुरस्कृत किया जायेगा। पुलिस टीम में डीएसपी चकिया, पकड़ीदयाल के अलावें चकिया, मेहसी, मधुबन, गडहियां थाने की पुलिस शामिल थी।

