जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक संघर्ष कियाः प्रमोद कुमार
-मोतिहारी के रूलही गांव में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन
मोतिहारी। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा मोतिहारी विधानसभा क्षेत्र के रूलही पंचायत स्थित रूलही हाई स्कूल परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके योगदान को स्मरण करते हुए एक जनसभा आयोजित की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 23 जून 1953 को श्रीनगर स्थित कारावास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन हुआ था। भारतीय जनता पार्टी इस दिन को उनके राष्ट्रहित में दिए गए सर्वोच्च बलिदान के स्मरण में पूरे देश में “बलिदान दिवस” के रूप में मनाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष अतुल दास ने की, जबकि मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष सुधांशु रंजन ने किया। विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने उस व्यवस्था का विरोध किया, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर जाने के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती थी।
उनका प्रसिद्ध नारा—“एक देश में दो निशान, दो संविधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे”—राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया। जिला अध्यक्ष पवन राज ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सिद्धांत “राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय और स्वयं अंतिम” आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शक मंत्र है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके विचारों और संघर्षों के परिणामस्वरूप देश में राष्ट्रीय एकीकरण की भावना और अधिक मजबूत हुई।
वहीं उपमेयर डॉ लालबाबू प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करना डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। रंगलाल दास ने कहा कि पश्चिम बंगाल को भारत में बनाए रखने तथा उसे पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा बनने से रोकने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सभा को संबोधित करते हुए बंगाली समाज के प्रतिनिधि रंगलाल दास, हिरेंद्र चंद्र दास, नारायण चंद्र दास एवं रमेश चंद्र दास ने पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापन के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विभाजन के समय लाखों लोगों को किस प्रकार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और अपने घर-बार छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर हाई स्कूल में बने स्मार्ट क्लास का उद्घाटन माननीय विधायक एवं जिला अध्यक्ष के कर कमलों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष प्रमोद शंकर सिंह, पूर्व प्राचार्य अमित सेन भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुधांशु रंजन, जिला महामंत्री संजय चौधरी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीता शर्मा, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष संजय ठाकुर सहित सभी मंडलों के अध्यक्ष, स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग, भाजपा कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।जानकारी सुधीर कुमार गुप्ता जिला सह मीडिया प्रभारी ने दी है।

