भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले कुछ सालों में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमानः डॉ. जितेंद्र सिंह

भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले कुछ सालों में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमानः डॉ. जितेंद्र सिंह
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नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले 8-9 वर्षों में 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां ललित होटल में आयोजित डिजिटल उपकरण पुरस्कार कार्यक्रम में मीडिया से कहा, भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, जो पहले लगभग शून्य थी अब लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ गई है और तेजी से विस्तार कर रही है। अगले आठ से नौ वर्षों में इसके 40-45 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि साल 2047 के लिए एक ऐसे देश के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी जिसकी क्षमताओं और नवाचारों को अन्य देश अपना सकें।मंत्री ने कहा कि अगली औद्योगिक क्रांति जैव प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित होगी। भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास जैव प्रौद्योगिकी के लिए समर्पित नीति है। हमारे पास राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, भारतीय एआई मिशन भी हैं और हमने अंतरिक्ष और अन्य अग्रणी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है।

परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से नए अवसर तो पैदा होते हैं लेकिन उद्योग जगत को उभरते क्षेत्रों के लिए खुद को तैयार करने और आवश्यक क्षमताएं विकसित करने की भी आवश्यकता है। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास यह दर्शाता है कि नवाचार अब केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि कई युवा उद्यमी छोटे शहरों से भी उभर रहे हैं।डॉ. सिंह ने अप्रचलित कानूनों और प्रक्रियाओं को हटाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए कहा कि लगभग 2,000 अप्रचलित कानूनों को हटा दिया गया है, जिनमें समाज और शासन में बदलाव के बावजूद पूर्ववर्ती युग से चले आ रहे प्रावधान शामिल थे।

anand prakash

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