गांजा तस्करी मामले में एक को 10 वर्षों का सश्रम कारावास
मोतिहारी। स्वापक औषधि और मन प्रभावी अधिनियम कोर्ट प्रथम के अनन्य विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने गांजा तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद एक अभियुक्त को दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है।अर्थ दंड नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी
सजा गोपालगंज उच्चायकोट थाना के बलुआ टोला बखरी निवासी सगीर मियां के पुत्र मोहम्मद असलम को हुई।
मामले में क्षेत्रीय निदेशक स्वापक नियंत्रण ब्यूरो पटना अनिल कुमार प्रसाद ने 47वीं वाहिनी मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल चिकनी कैंप पड़ाव पनटोका के तत्कालीन प्रभारी गुलजार हुसैन के आवेदन पर न्यायालय में परिवाद दायर किया था। जिसमें कहा था कि 4 जून 2018 को गुप्त सूचना मिली कि तस्कर नेपाल से एक होंडा सिटी कार में मादक पदार्थ लेकर रक्सौल कस्टम के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाला है। सूचना के आलोक में 10.10 बजे एक होंडा सिटी कार फ्रीसकिंग लाइट रक्सौल के पास आया।
बटालियन ने कार को अभिरक्षा में लेकर जांच किया तो कार से 38 पॉकेट में 76 किलो प्रतिबंधित गांजा बरामद हुआ। विशेष लोक अभियोजक निर्मल कुमार ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन साक्ष्य रखा। वहीं अभियुक्तों की ओर से एएलडीसी राम विनय मिश्रा ने दलीलें रखी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए।

