प्रेमी के साथ मिलकर पति के निर्मम हत्या मामले में प्रेमी-प्रेमिका को आजीवन कारावास
मोतिहारी। अनु. जाति /जनजाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा ने पत्नी व उसके प्रेमी द्वारा पति के निर्मम हत्या कर देने मामले में कलयुगी पत्नी व उसके प्रेमी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को एक एक लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है। अर्थ दंड नहीं देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सजा पलनवा थाना के जगधर निवासी सुरेश सिंह के पुत्र टुनटुन सिंह व भेलाही ओपी परशुराम पुर निवासी मृतक बिजली पासवान की पत्नी बबीता देवी को हुई। मामले में भेलाही ओपी परशुराम पुर निवासी बद्री पासवान उर्फ बदरी हजरा ने अपने छोटे भाई बिजली पासवान की निर्मम हत्या कारित करने मामले में दोनों नामजद के विरुद्ध पलनवा थाना कांड संख्या 65/2023 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 2 अप्रैल 2023 की रात्रि वह गवास पर सोया था। रात्रि करीब 12 बजे मेरा भाई बिजली पासवान अपनी पत्नी बबीता देवी व उसके प्रेमी टुनटुन सिंह को खदेड़ते हुए जा रहा था।
पूछने पर उसका भाई बताया कि उसकी पत्नी व उसकी आशिक मेरा दवा लेकर भाग रहा है। थोड़ी देर बाद बबीता देवी घर आकर थोड़ी देर रोई और उसी रात नैहर भाग गई। सुबह में पता चला कि घर से थोड़ी दूर पर ही उसका भाई मृत पड़ा है। वहां गया तो देखा कि उसके भाई का माथा फटा हुआ है तथा काफी खून गिरा है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चापाकल के हैंडल को मिट्टी में छुपाकर रखे बबीता देवी के घर से ही बरामद कर ली।
घटना के बाद नामजद दोनों अभियुक्त नेपाल भाग गए। परंतु पुलिस ने गुप्त सूचना पर दोनों को 16 अप्रैल 2023 सौनहा बाजार से गिरफ्तार कर लिया। वाद संख्या 66/2023 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 302 एवं 120 बी भादवि में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए।
कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी। मृतक के पुत्र एवं पुत्री पीड़ित घोषित — न्यायाधीश ने मृतक के पुत्र रोशन कुमार 14 वर्ष एवं पुत्री सुमन कुमारी को वास्तविक पीड़ित घोषित करते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर क्षतिपूर्ति योजनांतर्गत मुआवजा राशि देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण को निर्देशित किया। साथ ही आदेश की प्रति जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति को भेजने का निर्देश दिए।

