नेपाल के सुनसरी की घटना के बाद बारा में निकली सद्भाव रैली
सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का दिया संदेश
रक्सौल। नेपाल के सुनसरी जिले की घटना के बाद पूर्वी तराई-मधेश के विभिन्न जिलों में उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल के बीच नेपाल के बारा जिले में शनिवार को सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सहिष्णुता और आपसी भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से एक विशाल सद्भाव रैली का आयोजन किया गया।
जिला प्रशासन कार्यालय बारा परिसर से प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में रैली की शुरुआत हुई। रैली में विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, अलग-अलग धर्मों के अनुयायी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, नागरिक समाज, मानवाधिकारकर्मी, पत्रकार, टोल विकास संस्थाओं, गैरसरकारी संगठनों, सरकारी कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सुरक्षा निकायों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 350 से 400 लोगों ने भाग लिया।
सद्भाव रैली कलैया बाजार का भ्रमण करते हुए सामाजिक एकता, आपसी मेल-मिलाप और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश दिया।
रैली को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाली सेना और प्रदेश ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई। जिला पुलिस के अनुसार, नेपाल पुलिस के 50, सशस्त्र पुलिस बल के 20, नेपाली सेना के 10 और प्रदेश ट्रैफिक पुलिस के 15 जवानों सहित कुल 95 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।
इधर, बारा के निजगढ़ में भी सर्वपक्षीय सद्भाव समूह के तत्वावधान में एक अलग शांति एवं सद्भाव रैली निकाली गई। पूर्वी तराई-मधेश के हालात को देखते हुए आम नागरिकों के बीच एकता और सौहार्द का संदेश फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली में करीब 200 लोगों ने भाग लिया।
शहीद चौक से शुरू हुई रैली लीचीबोट होते हुए पुराने सिनेमा हॉल मार्ग से बुद्ध चौक पहुंचकर संपन्न हुई। रैली की सुरक्षा के लिए इलाका प्रहरी कार्यालय निजगढ़, इलाका प्रहरी कार्यालय कोल्हबी तथा सशस्त्र पुलिस बल की संयुक्त टीम के कुल 47 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
जिला पुलिस कार्यालय बारा के अनुसार, कलैया और निजगढ़ दोनों स्थानों पर आयोजित सद्भाव रैलियां पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। पुलिस ने बताया कि जिले की कानून-व्यवस्था सामान्य है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

