अधिवक्ता के साथ मारपीट करने मामले में एक को दो वर्ष की सजा
मोतिहारी। प्रथम अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रसेनजीत सिंह ने एक अधिवक्ता के साथ मारपीट व दबंगई मामले में दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में अलग अलग सजा सुनाए है। कुल सजा की अवधि दो वर्ष निर्धारित हुआ है।वहीं सभी धाराओं को मिलकर 17000 रुपए अर्थ दंड की सजा भी सुनाएं है, सजा पश्चिमी चंपारण के मनुआपुल थाना के जोकहां निवासी सहजानंद चौधरी के पुत्र सौरभ कुमार उर्फ सौरभ चौधरी को हुई।
मामले में नगर थाना के अगरवा निवासी अधिवक्ता शम्सुर्रहमान खान ने सुगौली थाना कांड संख्या 489/2019 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि वे अपनी पत्नी के साथ 1 नवंबर 2019 को ऑल्टो कार से बेतिया जा रहा था। करीब 11.30 बजे छपवा चौक के पास जाम लग जाने के कारण वे अपनी कार को बाएं लेन में खड़ी कर दिया। देखते ही देखते गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। इसी बीच एक सफेद रंग की मर्सिडीज बेंज कार दूसरी लेन से आकर गाड़ियों के निकलने का रास्ता बंद कर दिया। जिससे काफी जाम हो गई। मैं मर्सिडीज के चालक से कहा कि आपके गलत लेन में आने के कारण जाम लाईलाज हो गया। इस पर वह मुझे घूरने लगा।
पुलिस के आने के बाद काफी जद्दोजहद के बाद जाम टूटा। वह बेतिया की ओर जा रहा था कि फुलवरिया गांव के समीप गया तो पीछे से आई उक्त मर्सिडीज बेंज कार ने टक्कर मार कर गढ़े में पलटने का प्रयास किया। बाद में वह मेन रोड़ के बीच में गाड़ी तिरछी कर लगा दिया। चालक की मंशा भांप कर वह अपनी कार मोड़कर पुनः छपवा की ओर भागा, परंतु वह पीछा कर गाड़ी रुकवा दी तथा गाड़ी से खींचकर मारपीट करने लगा, बचाने उसकी पत्नी आई उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
स्थानीय लोगों के बीच बचाव से जान बची। उक्त गाड़ी पर एक पार्टी विशेष का झंडा लगा था। पूछताछ के बाद उक्त चालक की पहचान नामजद अभियुक्त के रूप में हुई। वाद संख्या 2019/2025 विचारण के दौरान जिला लोक अभियोजक पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा ने पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने उभय पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 341,323,279,504,507 में दोषी पाते हुए अलग अलग सजा सुनाए। एक सजा काटने के बाद दूसरी सजा क्रमबद्ध भुगतनी होगी।

